HISTORIC SURGE: कीमती धातुओं में ऐतिहासिक उछाल

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सोना और चांदी अपने उच्चतम शिखर पर

नई दिल्ली: भारतीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों ने आज एक नया इतिहास(HISTORIC SURGE) रच दिया है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, सोना ₹1,36,635 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी में भी अभूतपूर्व तेजी देखी जा रही है, जो ₹2,18,954 प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर को छू चुकी है। पिछले महज दस दिनों के भीतर चांदी की कीमतों में ₹30,000 से अधिक की वृद्धि हुई है, जो निवेशकों के बीच भारी मांग को दर्शाती है

तेजी के पीछे प्रमुख वैश्विक कारण

कीमतों में इस रिकॉर्ड बढ़त(Record Gain)के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय कारक जिम्मेदार हैं। अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती के कारण डॉलर का कमजोर होना सोने को एक आकर्षक निवेश बनाता है। इसके साथ ही, रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की तलाश में सोने की ओर मोड़ा है। चीन जैसे देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़े पैमाने पर सोने की खरीदारी(HISTORIC SURGE) (करीब 900 टन) भी बाजार में सप्लाई कम कर रही है, जिससे दाम आसमान छू रहे हैं।

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चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड और भविष्य

चांदी अब केवल आभूषणों तक सीमित नहीं रह गई है; सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में इसके बढ़ते उपयोग ने इसे एक अनिवार्य औद्योगिक कच्चा माल बना दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में चांदी की कीमतें ₹2.50 लाख प्रति किलो तक जा सकती हैं। वहीं, सोने के भी अगले साल तक ₹1.50 लाख के स्तर(HISTORIC SURGE) को पार करने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में खरीदारों को सलाह दी जा रही है कि वे हमेशा BIS हॉलमार्क देखकर ही खरीदारी करें।

इस वर्ष की शुरुआत से अब तक सोने और चांदी की कीमतों में कुल कितनी बढ़ोतरी हुई है?

इस वर्ष सोने की कीमत में ₹60,473 की वृद्धि हुई है (₹76,162 से बढ़कर ₹1,36,635)। वहीं, चांदी की कीमत में ₹1,32,937 प्रति किलो का भारी उछाल(HISTORIC SURGE) आया है (₹86,017 से बढ़कर ₹2,18,954)।

चांदी की कीमतों में तेजी का सबसे बड़ा ‘औद्योगिक कारण’ क्या है?

चांदी की औद्योगिक मांग सबसे बड़ा कारण है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ईवी सेक्टर में चांदी का कच्चे माल के रूप में भारी इस्तेमाल हो रहा है। साथ ही, अमेरिकी कंपनियों द्वारा भविष्य में टैरिफ बढ़ने के डर से स्टॉक जमा करने के कारण ग्लोबल सप्लाई में कमी आई है।

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Dhanarekha

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