Mumbai- अभिनेताओं को किरदार के लिए तैयारी का समय मिलना चाहिए- सुप्रिया पाठक

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सुप्रिया पाठक
सुप्रिया पाठक
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Mumbai । फिल्म इंडस्ट्री में इन दिनों काम के घंटे और वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर बहस तेज हो गई है। हाल ही में अभिनेत्री (Deepika Padukone) के मां बनने के बाद 8 घंटे की शिफ्ट की मांग से जुड़ी खबरों ने इस चर्चा को और बढ़ा दिया है। इस मुद्दे पर अब कई कलाकार अपनी राय रख रहे हैं। इसी क्रम में वरिष्ठ अभिनेत्री Supriya Pathak ने भी कलाकारों के लिए संतुलित कामकाजी समय और पर्याप्त तैयारी की जरूरत पर जोर दिया है।

कलाकारों को तैयारी का समय मिलना जरूरी

एक हालिया इंटरव्यू में सुप्रिया पाठक (Supriya Pathak) ने कहा कि किसी भी अभिनेता को अपने किरदार को समझने और उसे बेहतर तरीके से निभाने के लिए पर्याप्त समय मिलना बेहद जरूरी है। उनके मुताबिक कलाकार को अंततः दर्शकों के सामने प्रदर्शन करना होता है, इसलिए यदि उसे मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार होने का मौका नहीं मिलेगा तो उसका असर सीधे उसके अभिनय पर पड़ेगा।

महिला और पुरुष कलाकारों की चुनौतियां अलग

सुप्रिया पाठक ने कहा कि यह मुद्दा केवल महिला कलाकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि पुरुष अभिनेताओं पर भी समान रूप से लागू होता है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि महिलाओं को अक्सर एक साथ कई जिम्मेदारियों का संतुलन बनाना पड़ता है। ऐसे में उनके लिए काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।

महिलाएं स्वभाव से मजबूत होती हैं

उन्होंने कहा कि महिलाएं स्वभाव से ही मजबूत होती हैं, लेकिन कई बार उन्हें अपनी क्षमता पहचानने के लिए प्रोत्साहन की जरूरत होती है। सुप्रिया का मानना है कि फिल्म उद्योग में भी ऐसा माहौल होना चाहिए, जहां कलाकार अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारियों और पेशेवर काम के बीच संतुलन बना सकें।

अनुभव सिन्हा ने भी दी प्रतिक्रिया

इस पूरे विवाद पर निर्देशक (Anubhav Sinha) ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वह अफवाहों या गॉसिप पर भरोसा नहीं करते और उन्होंने खुद दीपिका पादुकोण के साथ काम नहीं किया है। हालांकि जिन लोगों ने उनके साथ काम किया है, उनके मुताबिक दीपिका बेहद पेशेवर और अपने काम के प्रति समर्पित अभिनेत्री हैं।

आपसी बातचीत से सुलझने चाहिए विवाद

अनुभव सिन्हा का कहना है कि यदि किसी कलाकार की मांगें निर्माताओं को स्वीकार्य नहीं लगतीं, तो वे उनके साथ काम न करने का फैसला ले सकते हैं। लेकिन ऐसे मामलों को सार्वजनिक विवाद बनाने के बजाय आपसी बातचीत से हल करना बेहतर होता है।

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वर्क-लाइफ बैलेंस पर बढ़ी चर्चा

गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से बॉलीवुड में काम के घंटों, शूटिंग शेड्यूल और कलाकारों के वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। कई कलाकारों का मानना है कि बदलते समय के साथ फिल्म इंडस्ट्री में भी कामकाजी माहौल को अधिक संतुलित और व्यावहारिक बनाने की जरूरत है।

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Anuj Kumar

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