कार्डियोपल्मोनरी बाईपास पर रखा गया हृदय, हुई सफल सर्जरी
हैदराबाद। दुर्लभ जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित हैदराबाद के 29 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर (software Engineer) की कोंडापुर स्थित केआईएमएस अस्पताल में रोबोटिक कार्डियक सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। सर्जरी में मरीज के हृदय की धड़कन दो घंटे तक रोक दी गई, जबकि उसे कार्डियोपल्मोनरी बाईपास (cardiopulmonary bypass) पर रखा गया, जिसे आमतौर पर हृदय-फेफड़े की मशीन के रूप में जाना जाता है, जो अस्थायी रूप से मरीज के हृदय का कार्य संभाल लेती है।
रोबोटिक तकनीक का किया गया इस्तेमाल
मरीज को किम्स में तब भर्ती कराया गया जब उसे बहुत ज़्यादा थकान होने लगी और वह हमेशा की तरह बैडमिंटन खेलने में असमर्थ हो गया। दोष को दूर करने के लिए रोबोटिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया और यह प्रक्रिया पाँच घंटे से ज़्यादा चली। छाती में सिर्फ़ एक छोटा सा चीरा लगाया गया, जिसके ज़रिए मरम्मत करने के लिए रोबोटिक हाथ डाले गए।
जल्दी ठीक हो गया मरीज : डॉ. निसर्ग
केआईएमएस कोंडापुर के चीफ कार्डियक सर्जन डॉ. निसर्ग ने बताया कि मरीज जल्दी ठीक हो गया और उसे एक हफ्ते के अंदर ही अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इस ऑपरेशन में चीफ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रविकुमार अलूरी, कार्डियक सर्जन डॉ. विनीत, कार्डियक एनेस्थिसियोलॉजिस्ट डॉ. दिव्या और डॉ. गोरिंथा मनोहा और अन्य लोग शामिल थे।
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