तेहरान। ईरान की राजधानी तेहरान समेत देशभर में सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है। हालात बेकाबू होते देख ईरान (Iran) के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei) ने सुरक्षा बलों को सख्त कार्रवाई के आदेश दे दिए। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों पर अंधाधुंध गोलीबारी की गई, जिसमें सैकड़ों लोगों की जान चली गई।
अस्पतालों में दर्ज हुई 217 मौतें
एक स्थानीय डॉक्टर ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि राजधानी के सिर्फ छह अस्पतालों में ही कम से कम 217 प्रदर्शनकारियों की मौत दर्ज की गई है। डॉक्टर के अनुसार, मरने वालों में अधिकांश की मौत गोली लगने से हुई है।
मशीनगन से फायरिंग का आरोप
डॉक्टर ने बताया कि मृतकों में बड़ी संख्या युवाओं की है। खासकर उत्तरी तेहरान (North Tehran) के एक पुलिस स्टेशन के बाहर सुरक्षा बलों द्वारा मशीनगन से की गई अंधाधुंध फायरिंग में कई प्रदर्शनकारियों की मौके पर ही मौत हो गई।
मानवाधिकार संगठन ने दी अलग संख्या
वाशिंगटन डीसी स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी ने अब तक कम से कम 63 मौतों की पुष्टि की है। एजेंसी का कहना है कि वह केवल पहचाने गए पीड़ितों की ही गणना करती है, इसलिए वास्तविक आंकड़ा इससे कहीं अधिक हो सकता है।
इंटरनेट बंदी ने बढ़ाई आशंका
देशभर में गुरुवार रात से इंटरनेट और फोन सेवाएं लगभग पूरी तरह बंद कर दी गई हैं। इससे हताहतों की सही संख्या सामने आने में मुश्किल हो रही है और हालात को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है।
ट्रंप की चेतावनी बनी चुनौती
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को मारा गया, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। ऐसे में बढ़ती मौतों की खबरें ट्रंप प्रशासन के लिए भी बड़ी चुनौती बनती दिख रही हैं।
अमेरिका ने दी खुली धमकी
डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त लहजे में कहा,
“अगर ईरान गोली चलाता है और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या करता है, तो अमेरिका उन्हें बचाने के लिए तैयार है।”
प्रदर्शन क्यों भड़का?
ईरान में बढ़ती महंगाई, गिरती मुद्रा और आर्थिक बदहाली के खिलाफ जनता सड़कों पर उतर आई है। यह आंदोलन अब देश के 31 प्रांतों तक फैल चुका है और सरकार पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
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ईरान का पलटवार और चेतावनी
सुप्रीम लीडर खामेनेई ने ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा कि इस्लामिक गणराज्य किसी के दबाव में नहीं झुकेगा। वहीं सरकार ने संकेत दिए हैं कि प्रदर्शनकारियों को मौत की सजा तक दी जा सकती है। सरकारी टीवी पर रिवोल्यूशनरी गार्ड के एक अधिकारी ने माता-पिता को चेतावनी देते हुए कहा,
“अपने बच्चों को प्रदर्शन से दूर रखें… अगर गोली लग जाए, तो शिकायत मत करना।”
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