International : खतरे में पड़ती दिख रही अमेरिका की साख : मूडीज़

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वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों ने पूरी दुनिया को परेशानी में डाला हुआ है। यहां तक की खुद अमेरिका की वित्तीय सेहत पर साफ दिखने लगा है पहले ट्रेड वार, फिर टैक्स छूट और अब ब्याज का बढ़ता बोझ… इन सबने मिलकर अमेरिका का वह हाल कर दिया है, जो उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कभी दुनिया की सबसे भरोसेमंद अर्थव्यवस्था मानी जाने वाली अमेरिका की साख अब खतरे में पड़ती दिख रही है जो अमेरिका कभी दूसरों की रेटिंग का फैसला करता था, आज खुद रेटिंग डाउनग्रेड का शिकार है।

सरकार की कुल कमाई का 30 प्रतिशत हिस्सा केवल ब्याज चुकाने में जा सकता है

मूडीज़ की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अमेरिका का राजकोषीय घाटा 2024 में जीडीपी का 64 प्रतिशत रहने का अनुमान है और 2035 तक यह 9 प्रतिशत तक जा सकता है साथ ही फेडरल कर्ज 2024 में जीडीपी का 98 प्रतिशत है, जो 2035 में 134 प्रतिशत तक बढ़ सकता है इतना ही नहीं, सरकार की कुल कमाई का 30 प्रतिशत हिस्सा केवल ब्याज चुकाने में जा सकता है, जो अभी 18 प्रतिशत है यह आंकड़े बताते हैं कि अमेरिका की आर्थिक नीतियों की नाव अब धीरे-धीरे डगमगाने लगी है, और उस पर नियंत्रण के लिए नेतृत्व में इच्छाशक्ति की कमी है मूडीज़ ने इस बात पर भी चिंता जताई कि हाल के वर्षों में अमेरिकी सरकारें आवश्यक वित्तीय सुधारों को लागू करने में नाकाम रही हैं।

अमेरिका अब उस सर्वोच्च श्रेणी में नहीं रहा अंतरराष्ट्रीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज़ रेटिंग्स ने अमेरिका की दीर्घकालिक क्रेडिट रेटिंग को ‘एएए’ से घटाकर ‘एए1’ कर दिया है यह कदम बताता है कि अमेरिका अब उस सर्वोच्च श्रेणी में नहीं रहा, जिसे कभी उसकी ताकत और स्थिरता की पहचान माना जाता था खास बात यह है कि यह डिग्रेडेशन तब हुआ है जब अन्य दो बड़ी एजेंसियां पहले ही अमेरिका को शीर्ष श्रेणी से नीचे कर चुकी थीं मूडीज़ ही आखिरी था जो अब झुक गया।

कर्ज भुगतान की क्षमता में कमी ‘एए1’ रेटिंग बहुत उच्च गुणवत्ता को दर्शाती है

कर्ज भुगतान की क्षमता में कमी ‘एए1’ रेटिंग बहुत उच्च गुणवत्ता को दर्शाती है, लेकिन यह एएए यानी सर्वोच्च रेटिंग से एक स्तर नीचे होती है इसका मतलब है कि मूडीज को अब अमेरिकी सरकार की कर्ज भुगतान की क्षमता पर थोड़ा अधिक जोखिम दिख रहा है।

मूडीज़ ने इस रेटिंग कटौती का ठीकरा अमेरिका की बढ़ती कर्ज़ की मात्रा, गहराते घाटे और राजनीतिक अस्थिरता पर फोड़ा है, जिनमें बड़ी भूमिका पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आर्थिक नीतियों की भी बताई जा रही है 2017 में लागू किए गए टैक्स कट्स एंड जॉब्स एक्ट को अगर समय रहते खत्म नहीं किया गया, तो मूडीज़ का अनुमान है कि इससे आने वाले दशक में 4 ट्रिलियन डॉलर का अतिरिक्त घाटा झेलना पड़ेगा यह वही कानून है, जिसने अमीरों को फायदा पहुंचाया और सरकार की आमदनी को बड़ा झटका दिया।

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Anuj Kumar

लेखक परिचय

Anuj Kumar

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