ऑस्ट्रेलिया के बॉन्डी बीच पर हुए आतंकी हमले (Terrorist Attack) के बाद प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने नफरत फैलाने वाले भाषण और तथाकथित “हेट प्रीचर्स” के खिलाफ कड़े कदम उठाने का ऐलान किया है। संघीय सरकार ने साफ किया है कि अब धार्मिक उपदेशकों समेत ऐसे लोगों पर सख्ती होगी, जो समाज में नफरत, हिंसा और विभाजन को बढ़ावा देते हैं। इसके तहत हेट स्पीच (Hate Speech) कानूनों को और कठोर बनाया जाएगा तथा ऐसे लोगों के वीज़ा रद्द या अस्वीकृत करने के लिए सरकार को नई शक्तियां मिलेंगी।
बॉन्डी बीच हमले के बाद बड़ा ऐलान
प्रधानमंत्री अल्बानीज़ ने यह घोषणा गुरुवार को उस समय की, जब सिडनी (Sydney) में बॉन्डी हमले की सबसे कम उम्र की पीड़िता, 10 वर्षीय मटिल्डा के अंतिम संस्कार में लोग शामिल हुए। इस हमले में 15 लोगों की मौत हुई थी और इसे ऑस्ट्रेलिया के इतिहास के सबसे भयावह आतंकी हमलों में से एक माना जा रहा है।
यहूदी-विरोधी घटनाओं पर सरकार की स्वीकारोक्ति
अल्बानीज़ ने माना कि 7 अक्टूबर 2023 को इज़राइल पर हमास के हमले के बाद ऑस्ट्रेलिया में बढ़ती यहूदी-विरोधी घटनाओं से निपटने के लिए और अधिक किया जा सकता था। उन्होंने कहा कि सरकार अब जिलियन सेगल की यहूदी-विरोध से निपटने की योजना को पूरी तरह अपनाएगी।
नई योजना में क्या होगा खास
नई योजना के तहत नफरत फैलाने वाले उपदेशकों और नेताओं के लिए “एग्रेसिव हेट स्पीच” को अपराध की श्रेणी में लाया जाएगा। हिंसा को बढ़ावा देने वाले भाषणों पर कड़ी सजा तय की जाएगी। ऑनलाइन धमकी और उत्पीड़न के मामलों में नफरत को सजा बढ़ाने का आधार बनाया जाएगा। इसके अलावा, ऐसी संस्थाओं की सूची भी तैयार की जाएगी, जिनके नेता नस्लीय घृणा या हिंसा को बढ़ावा देते हैं।
अभियोजन आसान बनाने की तैयारी
गृह मंत्री टोनी बर्क ने कहा कि अभियोजन के लिए कानूनी सीमा को नीचे लाया जाएगा, ताकि वे संगठन और व्यक्ति, जो अब तक कानून की सीमाओं से बच निकलते थे, उनके खिलाफ भी कार्रवाई संभव हो सके।
शिक्षा व्यवस्था में भी सख्ती
शिक्षा मंत्री जेसन क्लेयर ने स्कूलों और शिक्षा प्रणाली में यहूदी-विरोध से निपटने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स गठित करने की घोषणा की है।
“यह हमला ऑस्ट्रेलियाई जीवनशैली पर”
प्रधानमंत्री ने कहा कि बॉन्डी बीच हमला केवल यहूदी समुदाय पर नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलियाई जीवनशैली पर हमला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश को इस “नफरत की बीमारी” के खिलाफ और अधिक सख्ती से लड़ना होगा।
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