ब्लू स्काईज स्पेस डिजाइन कर रही सैटेलाइट्स का समूह

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ब्रिटेन की प्राइवेट स्पेस कंपनी ब्लू स्काईज स्पेस एक ऐसे सैटेलाइट ग्रुप का डिजाइन तैयार कर रही है जो चंद्रमा की कक्षा में भटकना हुए हमें प्रारंभिक ब्रह्मांड की झाँकी देगा।

यह परियोजना खास तौर पर इस सवाल का जवाब ढूँढ़न के लिए है
“बिग बैंग के तुरंत बाद ब्रह्मांड कैसा था, जब पहला तारा भी नहीं बना था?”

इटली की स्पेस एजेंसी ने शुरू किया परियोजना

ब्लू स्काईज स्पेस को यह परियोजना इटली की स्पेस एजेंसी ने ज़िम्मे है। इसका उद्देश्य है ऐसे सैटेलाइट्स बनाना जो बेहद कमजोर रेडियो सिग्नल्स को पकड़ सकें।

इन सिग्नल्स की खासियत:

  • ये बिग बैंग के कुछ लाख साल बाद के हैं
  • ये सिग्नल्स एफएम रेडियो फ्रीक्वेंसी रेंज में आते हैं
  • ये उस समय की जानकारी दे सकते हैं जब ब्रह्मांड सिर्फ हाइड्रोजन गैस से भरा था

चांद का छिपा भाग क्यों है आदर्श स्थान?

ब्लू स्काईज स्पेस

चांद के दूर वाले हिस्से को वैज्ञानिकों ने ऐसे मिशन के लिए आदर्श माना है, क्योंकि:

  • वह भाग धरती की रेडियो तरंगों से मुक्त रहता है
  • वहां से शुरुआती ब्रह्मांड के निर्बल रेडियो सिग्नल्स को बेहतर तरीके से पकड़ा जा सकता है

इस प्रोजेक्ट में 4 या उससे ज्यादा सैटेलाइट्स की हाजत हो सकती है, जो मिलकर एक ऐसा नेटवर्क बनाएंगे जो ब्रह्मांड के अतीत में झांकने की क्षमता रखेगा।

ब्लू स्काईज स्पेस: क्या मिलेगा इस मिशन से?

  • ब्रह्मांड की सृजन और विकास की बेहतर समझ
  • बिग बैंग के बाद के अज्ञात काल का खुलासा
  • तारों के बनने से पहले की हालत की सूचना

digital@vaartha.com

लेखक परिचय

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