8 अप्रैल को दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद अल मकतूम दो दिवसीय भारत यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस जयशंकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से अहम रणनीतिक व सौदागरी विषय पर बातचीत की।
इंडिया-UAE कारोबार सम्मेलन में हुई भागीदारी
शेख हमदान की यह यात्रा इंडिया और यूएई के बीच पक्काआर्थिक और रणनीतिक साझेदारी का संकेत है। वह इंडिया-यूएई कारोबार गोलमेज सम्मेलन में शामिल हुए जिससे व्यापारिक रिश्तों को और मजबूती मिलेगी।
क्यों अहम है यह यात्रा?
- दोनों देशों के बीच कारोबार आर्थिक भागीदारी समझौता (CEPA) तीन साल पूरे कर चुका है।
- CEPA लागू होने के बाद गैर-तेल निर्यात में 25.6% की उन्नति हुई है।
- यूएई इंडिया का सबसे बड़ा कारोबार साझेदार है, खासकर खाड़ी क्षेत्र में।
श्रीलंका में एनर्जी हब और खाड़ी में सहयोग
इंडिया और UAE ने श्रीलंका में एक एनर्जी हब विकसित करने का निर्णय लिया है। यह चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
सामाजिक-सांस्कृतिक रिश्तों में मजबूती

- UAE में 35 लाख से अधिक भारतीय रहते हैं, जो कुल आबादी का 30% हैं।
- प्रवासी भारतीयों ने 2022 में भारत को $20 बिलियन भेजे।
- अबू धाबी में मंदिर और गुरुद्वारे को मिली अनुमति UAE की सहिष्णुता को दर्शाती है।
इंडिया-UAE संबंधों की दिशा और दशा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में UAE का दौरा कर द्विपक्षीय रिश्तों को नई दिशा दी। इंदिरा गांधी के बाद यह किसी हिन्दुस्तानी पीएम की पहली यात्रा थी।