Iran protests : ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन अब बेहद गंभीर स्तर पर पहुंच गए हैं। देशभर में इंटरनेट बंद किए जाने, प्रदर्शनकारियों पर सख्त कार्रवाई और बढ़ती मौतों के कारण हालात और बिगड़ गए हैं। 28 दिसंबर को Tehran के बाजार बंद होने से शुरू हुए ये विरोध प्रदर्शन अब कमजोर होती अर्थव्यवस्था के खिलाफ एक व्यापक राष्ट्रीय आंदोलन का रूप ले चुके हैं।
गुरुवार को ईरान में पिछले दो हफ्तों के सबसे बड़े सरकार विरोधी प्रदर्शन देखने को मिले। आम जनता और धार्मिक नेतृत्व के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है, जिसकी मुख्य वजह आर्थिक संकट, मुद्रा रियाल का गिरता मूल्य और बढ़ती महंगाई मानी जा रही है।
Human Rights Activist News Agency (HRANA) के अनुसार, 28 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 के बीच कम से कम 42 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 29 प्रदर्शनकारी (Iran protests) नागरिक, आठ सुरक्षाकर्मी और 18 वर्ष से कम उम्र के पांच बच्चे व किशोर शामिल हैं। वहीं नॉर्वे स्थित एनजीओ Iran Human Rights ने बताया कि बुधवार को अकेले 13 प्रदर्शनकारियों की जान गई।
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राजधानी तेहरान से विशाल रैलियों की तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब नारेबाजी करता नजर आया। उत्तर-पश्चिम तेहरान की आयतुल्ला काशानी बुलेवार्ड पर भारी भीड़ जुटने की खबर AFP ने दी। इसके अलावा पश्चिमी शहर अबादान में भी विरोध प्रदर्शनों की खबरें सामने आई हैं।
HRANA के मुताबिक, बुधवार को कम से कम 21 प्रांतों के 46 शहरों में प्रदर्शन हुए। कुर्द बहुल इलाकों में बाजार बंद रहे और कुर्दिस्तान, पश्चिम अज़रबैजान, केरमानशाह और इलाम प्रांतों के दर्जनों शहर हड़ताल में शामिल हुए।
रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि देशव्यापी कार्रवाई के दौरान 60 और लोगों को गिरफ्तार किया गया। 28 दिसंबर से अब तक 2,277 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। इनमें कम से कम 166 नाबालिग और 48 विश्वविद्यालय छात्र बताए गए हैं। इसके अलावा, विरोध शुरू होने के बाद से राज्य मीडिया द्वारा 45 जबरन कबूलनामे प्रसारित किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
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