Israeli Politics: इजरायली राजनीति में बड़ा बदलाव

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नेतन्याहू को टक्कर देने के लिए बेनेट-लैपिड का गठबंधन

तेल अवीव: इजराइल के दो पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट और येर लैपिड ने बेंजामिन नेतन्याहू के लंबे कार्यकाल(Israeli Politics) को चुनौती देने के लिए हाथ मिला लिया है। दोनों नेताओं ने अपनी-अपनी पार्टियों का विलय करके ‘टुगेदर’ (Together) नामक एक नई पार्टी का गठन किया है। नफ्ताली बेनेट इस नई पार्टी की कमान संभालेंगे और प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे। इस कदम का मुख्य उद्देश्य विपक्ष को एकजुट करना है, ताकि संभावित चुनाव में नेतन्याहू(Nethanyahu) की सत्ता को गिराया जा सके, जो 2021 में भी इन्हीं दोनों नेताओं के संयुक्त प्रयासों से संभव हुआ था

वैचारिक मतभेद और गठबंधन की चुनौतियां

बेनेट और लैपिड की विचारधाराएं एक-दूसरे से काफी भिन्न हैं। बेनेट एक कट्टरपंथी यहूदी राष्ट्रवादी नेता हैं, जो वेस्ट बैंक में बस्तियों के समर्थक हैं और फिलिस्तीनी राज्य के विचार के खिलाफ रहे हैं। वहीं, लैपिड एक धर्मनिरपेक्ष और उदारवादी नेता हैं, जो मध्यम वर्ग में लोकप्रिय हैं। 2021 में भी दोनों साथ आए थे, लेकिन विचारधाराओं में अंतर और सुरक्षा, फिलिस्तीन जैसे मुद्दों पर आपसी टकराव के कारण वह गठबंधन सरकार ज्यादा दिन नहीं चल सकी थी। इस बार भी एकता बनाए रखना और अलग-अलग विचारधारा वाले मतदाताओं को साथ लाना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।

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गठबंधन की गणित और भविष्य की संभावनाएं

यह गठबंधन दोनों नेताओं के लिए राजनीतिक अस्तित्व की लड़ाई है। लैपिड की पार्टी ‘येश अतीद’ की सीटों में गिरावट का अनुमान है, जबकि बेनेट के वोट बैंक में गादी आइजनकोट जैसे नए चेहरों की वजह से सेंध लग रही है। सर्वे के अनुसार, यदि बेनेट, लैपिड और आइजनकोट तीनों साथ आते हैं, तो विपक्ष संसद में सबसे बड़ा दल बनकर उभर सकता है। हालाँकि, इस गठबंधन की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि क्या वे इजरायली जनता के बीच एक ‘मजबूत और विश्वसनीय विकल्प’ के रूप में मनोवैज्ञानिक बढ़त बना पाते हैं या नहीं।

बेनेट और लैपिड के इस नए गठबंधन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इस गठबंधन का मुख्य उद्देश्य बेंजामिन नेतन्याहू को प्रधानमंत्री पद से हटाना है। दोनों नेताओं ने अपनी पार्टियों का विलय करके ‘टुगेदर’ पार्टी बनाई है, ताकि वे विपक्ष को एकजुट कर सकें और नेतन्याहू के खिलाफ एक मजबूत और प्रभावी विकल्प पेश कर सकें।

गादी आइजनकोट की भूमिका इस चुनाव में क्यों महत्वपूर्ण मानी जा रही है?

गादी आइजनकोट एक पूर्व चीफ ऑफ स्टाफ हैं जिनकी छवि बहुत मजबूत और लोकप्रिय है। वे उन दक्षिणपंथी वोटरों को आकर्षित कर रहे हैं जो सुरक्षा मुद्दों को प्राथमिकता देते हैं। यदि वे इस गठबंधन में शामिल होते हैं, तो विपक्ष की ताकत काफी बढ़ सकती है, अन्यथा उनके अलग चुनाव लड़ने से विपक्षी वोटों का बंटवारा हो सकता है।

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