लेह,। लद्दाख को राज्य का दर्जा दिलाने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे संगठनों ने केंद्र सरकार के प्रति कड़ा रुख अपनाया है। लेह एपेक्स बॉडी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Sah) के 30 अप्रैल को होने वाले दौरे के दौरान उनसे सीधे निर्णय-स्तर की बात करने का आह्वान किया है। संगठन ने 22 मई के लिए प्रस्तावित उप-समिति की बैठक को अपर्याप्त और व्यर्थ बताया है। यह प्रतिक्रिया एलजी विनय कुमार सक्सेना द्वारा रविवार को यह घोषणा किये जाने के बाद आई कि गृह मंत्रालय (Home Minister) ने आंदोलनकारी लद्दाख समूहों के प्रतिनिधियों के साथ राजनीतिक वार्ता के लिए उप-समिति की बैठक 22 मई को बुलाने का फैसला लिया है। पिछली बैठक फरवरी की शुरुआत में हुई थी।
चार सूत्री मांगों पर अड़े संगठन
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा उपायों सहित अपने चार सूत्री एजेंडे पर एलएबी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) 2021 से केंद्र सरकार के साथ बातचीत कर रहे हैं। जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा कि एलएबी ने गृह मंत्री के लद्दाख दौरे और 22 मई के लिए उप-समिति की बैठक की घोषणा पर विस्तार से चर्चा की… लद्दाख का मुद्दा पिछले पांच-छह सालों से लंबित है और इसका समाधान होना जरूरी है।
उप-समिति बैठक पर उठाए सवाल
रिपोर्ट के मुताबिक वांगचुक के साथ एलएबी के सह-अध्यक्ष चेरिंग दोरजे और समूह के अन्य प्रमुख सदस्य भी मौजूद थे। वांगचुक ने कहा कि इस दौरे को “सार्थक और रचनात्मक संवाद” की दिशा में एक कदम के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि उप-समिति स्तर पर होने वाली चर्चाओं में निर्णय लेने वाले प्राधिकार शामिल नहीं होते हैं। यदि 22 मई की बैठक के बाद भी कोई निर्णय नहीं निकलता, तो यह प्रक्रिया और लंबी खिंच सकती है।
गृह मंत्री के दौरे से उम्मीदें
एलएबी के नेता अशरफ बरचा ने कहा कि अब चर्चा के बजाय निर्णय लेने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री का दौरा इस दिशा में सबसे अच्छा अवसर है और यदि उच्चाधिकार समिति के तहत लद्दाख नेतृत्व के साथ संयुक्त बैठक होती है, तो इससे समाधान निकल सकता है।
एकजुटता के साथ आगे बढ़ने का संदेश
दोरजे ने कहा कि एपेक्स बॉडी और केडीए एकमत हैं और सभी एकजुट होकर अपनी बात रखेंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उप-समिति की बैठक का कोई औचित्य नहीं है, क्योंकि सभी मुद्दों पर पहले ही विस्तार से चर्चा हो चुकी है। अब सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
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30 अप्रैल को लेह पहुंचेंगे अमित शाह
गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 30 अप्रैल को दो दिवसीय दौरे पर लेह पहुंचेंगे। एलजी सक्सेना के अनुसार, 1 मई को वे बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
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