Gen Z Protest: नेपाल विरोध प्रदर्शन के बीच कैदियों ने तोड़ा ‘जेल’, 1500 से अधिक फरार

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नेपाल (Nepal) में सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ शुरू हुआ “Gen Z आंदोलन” अब इतना हिंसक हो चुका है कि उसने देश की कानून-व्यवस्था को पूरी तरह हिला दिया है। संसद और सुप्रीम कोर्ट में आगजनी, मॉल में लूटपाट के बाद अब जेलों से सामूहिक फरारी की चौंकाने वाली घटनाएं सामने आई हैं। प्रदर्शनकारियों द्वारा पैदा की गई अराजकता का फायदा उठाकर सैकड़ों कैदियों ने जेल की दीवारें तोड़ डालीं और फरार हो गए

कई जिलों से सामूहिक फरारी

नेपाल के अलग-अलग हिस्सों से लगभग 1,500 से अधिक कैदियों के भागने की पुष्टि हुई है।

  • महोत्तरी जिले की जलेश्वर जेल से करीब 572 कैदी भाग निकले। यहाँ प्रदर्शनकारियों ने जेल के पास जमकर बवाल किया और इसी दौरान कैदियों ने दीवार तोड़ दी।
  • कास्की जिला जेल से 773 कैदी फरार हो गए। भीड़ के हमले से जेल का सुरक्षा घेरा ध्वस्त हो गया और पुलिस कुछ ही देर में हालात संभाल नहीं सकी।
  • पोखरा की जेल से भी लगभग 900 कैदी भागने में सफल रहे। बताया जा रहा है कि यहाँ प्रदर्शनकारियों और कैदियों ने मिलकर जेल को निशाना बनाया।

प्रदर्शनकारियों और कैदियों की मिलीभगत

जेल प्रशासन का कहना है कि विरोध कर रही भीड़ ने जेलों को घेर लिया और पथराव के बाद दीवारें तोड़ने की कोशिश की। इस दौरान अंदर के कैदी भी सक्रिय हो गए और मौके का फायदा उठाकर भाग निकले। कई कैदियों ने जेल की रसोई और निर्माण सामग्री से बने औजारों का इस्तेमाल कर दीवार को कमजोर किया।

सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल

इन घटनाओं ने नेपाल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। पुलिस और सुरक्षाबल पहले से ही प्रदर्शनकारियों से निपटने में लगे थे, ऐसे में जेलों की सुरक्षा लगभग टूट गई। फरार कैदियों में कई संगीन अपराधों के आरोपी भी शामिल बताए जा रहे हैं, जिससे आम जनता में दहशत फैल गई है।

सेना की तैनाती और कर्फ्यू

हालात काबू से बाहर जाते देख सरकार ने सेना को सड़कों पर उतार दिया है। कर्फ्यू लागू कर दिया गया है और सेना ने प्रमुख सरकारी इमारतों व त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की कमान संभाल ली है। फरार कैदियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान भी शुरू हो गया है।

राजनीतिक संकट और इस्तीफा

इसी बीच, बढ़ती हिंसा और जनाक्रोश के चलते प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया है। सरकार ने सोशल मीडिया पर लगा प्रतिबंध भी वापस ले लिया है, लेकिन विरोध और हिंसा पर कोई खास असर नहीं पड़ा।

अंतरराष्ट्रीय चिंता

भारत और अन्य पड़ोसी देशों ने नेपाल में बिगड़ते हालात पर चिंता जताई है। भारत ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है और नेपाल यात्रा से बचने की अपील की है।

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लेखक परिचय

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