Fake Note Racket : बिहार में जाली करेंसी सप्लाई केस में 6 दोषी करार

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मुख्य बातें: 

  • पटना ATS कोर्ट ने 6 आरोपियों को दोषी करार दिया
  • मामला साढ़े 5 लाख रुपये के जाली नोटों से जुड़ा है
  • 10 जनवरी 2016 को गया जिले में हुई थी छापेमारी

पटना। जाली भारतीय मुद्रा (Indian Rupess) के बड़े नेटवर्क से जुड़े एक अहम मामले में पटना ATS (Patna ATS) के विशेष न्यायाधीश विपिन कुमार की अदालत ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने 6 आरोपियों को दोषी करार दिया है

5.5 लाख के जाली नोट बरामद, 2016 से चल रहा था केस

अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला 10 जनवरी 2016 का है। एटीएस की टीम ने गया जिले के हंटरगंज-डोभी इलाके में छापेमारी की थी।तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से करीब 5.5 लाख रुपये के जाली नोट (500-500 रुपये के नोट) बरामद हुए थे।

IPC और UAPA के तहत दोष सिद्ध

कोर्ट ने सभी आरोपियों को निम्न धाराओं में दोषी पाया:

  • IPC 489-B
  • IPC 489-C
  • UAPA धारा 16

मालदा से जुड़ा था फेक करेंसी नेटवर्क

जांच में सामने आया कि यह जाली नोटों का नेटवर्क पश्चिम बंगाल (West Bengal) के मालदा जिले से जुड़ा था।
आरोप था कि नकली नोट बिहार के विभिन्न जिलों में सप्लाई किए जाने थे। दोष सिद्ध होने के बाद अदालत ने सभी आरोपियों के बंधपत्र रद्द कर दिए और उन्हें न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेज दिया

सजा पर अगली सुनवाई 3 जून को

कोर्ट ने अब इस मामले में सजा तय करने के लिए 3 जून की तारीख तय की है। इस केस में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 10 गवाहों की गवाही कराई गई, जिसके आधार पर कोर्ट ने फैसला सुनाया।

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Anuj Kumar

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Anuj Kumar

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