साउथ सूडान की राजधानी के पास एक बड़ा विमान हादसा हुआ है. लोकल अधिकारियों के मुताबिक सोमवार को साउथ सूडान में राजधानी जूबा के पास एक छोटा प्लेन क्रैश हो गया, जिसमें सभी 13 पैसेंजर और पायलट की मौत हो गई. सुडान लंबे समय से अस्थिरता, लड़ाई और गरीबी के अलावा, भरोसेमंद ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की भी कमी से भी जूझ रहा है, जहां ओवरलोडिंग और खराब मौसम की वजह से अक्सर प्लेन क्रैश होते रहते हैं. साउथ सूडानी सिविल एविएशन अथॉरिटी ने एक बयान में कहा कि प्लेन एक सेसना(Cessna) था जो 0715 GMT पर जूबा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से निकला था और राजधानी से करीब 20 किलोमीटर दूर क्रैश हो गया, जिसमें कोई नहीं बचा।
उसने कहा कि शुरुआती रिपोर्ट में इसका कारण खराब मौसम, खासकर कम विजिबिलिटी बताया गया है. मरने वालों में 12 साउथ सूडानी और दो केन्याई नागरिक थे. मौके पर भेजी गई UN रेस्क्यू टीम के एक सदस्य ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “सभी बॉडी इतनी जल गई थीं कि पहचान में नहीं आ रही थीं।”
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सुडान में तेजी से बढ़ रहे विमान हादसे
जनवरी 2025 में उत्तरी साउथ सूडान में एक प्लेन क्रैश (Plane Crash) में बीस लोगों की मौत हो गई थी. 2021 में वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (WFP) के लिए फ़्यूल ले जा रहे एक कार्गो प्लेन के क्रैश होने से पांच लोगों की मौत हो गई थी. 2015 में जूबा में सोवियत-काल के एंटोनोव एयरक्राफ्ट के क्रैश होने से 36 लोगों की मौत हो गई थी और 2017 में एक प्लेन जो रनवे से फिसल गया था, आग लगने से पहले एक फायर ट्रक से टकरा गया था, लेकिन उसमें सवार सभी 37 लोग चमत्कारिक रूप से बच गए थे।
कैसे हुआ विमान हादसा?
साउथ सूडान की सिविल एविएशन अथॉरिटी ने कहा कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि खराब मौसम की वजह से कम विजिबिलिटी की वजह से एयरक्राफ्ट क्रैश हुआ होगा. एजेंसी ने बताया कि जूबा से करीब 20 किलोमीटर दूर क्रैश साइट पर एक टीम भेजी गई है, ताकि डिटेल्स इकट्ठा की जा सकें और इमरजेंसी में मदद की जा सके. सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो में एयरक्राफ्ट का मलबा आग की लपटों में घिरा हुआ दिख रहा है और आस-पास का इलाका पहाड़ी और धुंधला दिख रहा है।
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