जब सनक में राष्ट्रपति पर चलीं गोलियां
वाशिंगटन: 30 मार्च 1981 को वाशिंगटन(Washington) हिल्टन होटल परिसर में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन पर एक भयावह जानलेवा हमला(Deadly Attack) हुआ था। एक मीटिंग से बाहर निकलते समय, भीड़ के बीच से निकलकर जॉन डब्ल्यू. हिंकली जूनियर ने रीगन पर 1.7 सेकंड के भीतर छह गोलियां चलाईं। राष्ट्रपति रीगन शुरू में पांच गोलियों से बाल-बाल बच गए, लेकिन छठी गोली उनकी बुलेटप्रूफ कार(Bulletproof Car) से टकराकर वापस उनके सीने में जा धंसी। खांसने पर मुंह से खून आने के बाद उन्हें अपनी चोट का अहसास हुआ और वे मौत के बेहद करीब पहुँच गए थे, लेकिन समय पर सर्जरी के कारण उनकी जान बच गई।
फिल्म के किरदार से प्रेरित अपराधी की सनक
इस हमले के पीछे का मुख्य आरोपी जॉन हिंकली जूनियर था, जो मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा था। वह 1976 की फिल्म ‘टैक्सी ड्राइवर’ से इतना प्रभावित था कि उसने उसे 18 बार देखा था। फिल्म के मुख्य किरदार की तरह, वह भी खुद को मशहूर बनाना चाहता था ताकि वह अभिनेत्री जूडी फॉस्टर को प्रभावित कर सके। उसने पहले राष्ट्रपति जिमी कार्टर को निशाना बनाने की कोशिश की थी, लेकिन पकड़े जाने के बाद जमानत पर छूट गया और फिर उसने राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन को अपना निशाना बनाया।
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न्याय और सजा का अनोखा पहलू
हमले के बाद हिंकली को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया था। कानूनी कार्रवाई के दौरान उसके वकीलों ने यह सफलतापूर्वक साबित किया कि वह मानसिक रूप से अस्थिर था। नतीजतन, अदालत ने उसे जेल भेजने के बजाय मानसिक अस्पताल में इलाज के लिए भेजने का निर्णय लिया। लगभग 30-35 वर्षों तक कड़ी निगरानी में इलाज के बाद, 2016 में उसे सख्त शर्तों के साथ रिहा करने की अनुमति दी गई। यह घटना आज भी इतिहास में एक ऐसे उदाहरण के रूप में दर्ज है जहाँ फिल्मी जुनून और मानसिक असंतुलन ने सत्ता के शीर्ष पर बैठे व्यक्ति की जान को खतरे में डाल दिया था।
जॉन हिंकली जूनियर ने राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन पर हमला क्यों किया?
हिंकली अभिनेत्री जूडी फॉस्टर को प्रभावित करना चाहता था। वह फिल्म ‘टैक्सी ड्राइवर’ से अत्यधिक प्रभावित था और उसे लगता था कि यदि वह किसी बड़े नेता पर हमला करेगा, तो वह दुनियाभर में प्रसिद्ध हो जाएगा और अभिनेत्री का ध्यान अपनी ओर खींच पाएगा।
कोर्ट ने हिंकली को जेल के बजाय मानसिक अस्पताल क्यों भेजा?
कानूनी कार्यवाही के दौरान, हिंकली के वकीलों ने कोर्ट को यह साबित कर दिया कि वह मानसिक रूप से बीमार और अस्थिर था। अदालत ने उसकी स्थिति को देखते हुए उसे अपराधी के बजाय एक मानसिक रोगी माना, इसलिए उसे जेल के बजाय लंबी अवधि के लिए मानसिक अस्पताल में रखा गया।
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