लॉस एंजिल्स, अमेरिका: 13 जुलाई 2025 को लॉस एंजिल्स के डाउनटाउन में क्रिप्टो.कॉम (Criptocom) एरिना के पास एक सिख युवक, गुरप्रीत सिंह (GurPreet) (35), को पुलिस ने गोली मार दी, जिसके बाद उनकी मृत्यु हो गई। गुरप्रीत सड़क पर पारंपरिक सिख मार्शल आर्ट ‘गतका’ का प्रदर्शन कर रहे थे, जिसमें तलवार और अन्य हथियारों का उपयोग होता है। लॉस एंजिल्स पुलिस विभाग (LAPD) ने हाल ही में इस घटना का बॉडीकैम फुटेज जारी किया, जिसने सिख समुदाय और सामाजिक कार्यकर्ताओं में आक्रोश पैदा कर दिया है।
घटना का विवरण
LAPD को फिगेरोआ स्ट्रीट और ओलंपिक बुलेवार्ड के चौराहे पर कई 911 कॉल्स मिलीं, जिसमें बताया गया कि एक व्यक्ति सड़क पर धारदार हथियार लहरा रहा था। पुलिस के अनुसार, गुरप्रीत सिंह एक “मशेटे” (दो फुट लंबा चाकू) लेकर आक्रामक व्यवहार कर रहे थे।
हालांकि, सिख समुदाय का कहना है कि यह हथियार ‘खंडा’ था, जो गतका में प्रयुक्त होने वाली दोधारी तलवार है। बॉडीकैम फुटेज में गुरप्रीत नीली पगड़ी, बनियान और शॉर्ट्स में सड़क पर तलवार लहराते दिख रहे हैं। ABC7 की एक रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने अपनी जीभ भी तलवार से काट ली थी, जिसे पुलिस ने आक्रामकता का संकेत माना।
पुलिस ने बार-बार गुरप्रीत को हथियार छोड़ने का आदेश दिया, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। इसके बाद, गुरप्रीत ने एक पानी की बोतल पुलिस पर फेंकी और अपनी कार में बैठकर भागने की कोशिश की। पुलिस का दावा है कि लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए उन्होंने कई वाहनों को टक्कर मारी और अंत में फिगेरोआ और 12वीं स्ट्रीट पर एक पुलिस वाहन से टकरा गए। जब गुरप्रीत कथित तौर पर तलवार लेकर पुलिस की ओर बढ़े, तो अधिकारियों ने गोली चला दी। गुरप्रीत को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई।
सिख समुदाय का आक्रोश
सिख समुदाय और संगठनों ने इस घटना को सांस्कृतिक अज्ञानता और पुलिस के अत्यधिक बल प्रयोग का उदाहरण बताया है। उनका कहना है कि गतका एक धार्मिक और सांस्कृतिक कला है, जो अक्सर सिख उत्सवों और जुलूसों में प्रदर्शित की जाती है। समुदाय का मानना है कि गुरप्रीत शायद मानसिक रूप से अस्थिर थे, और पुलिस को घातक बल की बजाय संवाद और संयम का उपयोग करना चाहिए था।
जांच और सवाल
LAPD ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है। सिख समुदाय ने मांग की है कि पुलिस को सांस्कृतिक संवेदनशीलता का प्रशिक्षण दिया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। यह मामला सांस्कृतिक प्रथाओं और कानून प्रवर्तन के बीच टकराव को उजागर करता है।
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