वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने हाल ही में पश्चिम एशिया में ईरान के खिलाफ चलाए गए सैन्य अभियान को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि शुरुआती हमलों के कुछ ही घंटों में अमेरिका ने प्रभावी रूप से जीत हासिल कर ली थी, हालांकि मिशन को पूरा करने के लिए अमेरिकी सेना ऑपरेशन जारी रखेगी।
ट्रंप का बयान-“हम जीत गए, लेकिन पीछे नहीं हटेंगे”
रैली के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना (America Army) ने ईरान की नौसैनिक ताकत को भारी नुकसान पहुंचाया और ऑपरेशन के पहले घंटे में ही नतीजा तय हो गया। उन्होंने बताया कि ईरान के 58 नौसैनिक जहाज नष्ट किए गए। ट्रंप ने अभियान का नाम ‘ऑपरेशन फ्यूरी’ बताया और कहा कि यह नाम तभी प्रभावी लगता है जब आप जीत चुके हों।
ऑपरेशन फ्यूरी और रणनीति
ट्रंप ने ऑपरेशन के नामकरण के पीछे की कहानी साझा की और मजाकिया अंदाज में कहा कि कई नाम सुझाए गए थे, लेकिन उन्हें कोई पसंद नहीं आया। अंत में ‘इपिक फ्यूरी’ (Epic Pauri) नाम चुना गया, जो अभियान की ताकत और जीत का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि मिशन को पूरी तरह पूरा किए बिना अमेरिकी सेना पीछे नहीं हटेगी।
युद्ध का असर और ऊर्जा बाजार
ट्रंप ने कहा कि युद्ध की वजह से वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता आई है। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिकी सरकार स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व का इस्तेमाल करके तेल की कीमतों पर दबाव कम कर सकती है।
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अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच तनाव पूरे पश्चिम एशिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। ट्रंप का कहना है कि मिशन के दौरान ईरान की सैन्य क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचाया गया है और ऑपरेशन का उद्देश्य केवल राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।
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