वॉशिंगटन,। सीरिया में हुए हमले में दो अमेरिकी सैनिकों और एक नागरिक के मारे जाने के बाद अमेरिका में सियासी और सैन्य हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) ने इस हमले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि अमेरिका इसका करारा जवाब देगा। अमेरिका ने इस हमले के लिए इस्लामिक स्टेट (ISIS) को जिम्मेदार ठहराया है।
हमले को बताया आईएसआईएस की साजिश
बाल्टीमोर में सेना-नौसेना फुटबॉल मैच के लिए रवाना होने से पहले व्हाइट हाउस (White House) में पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि यह हमला आईएसआईएस ने किया है। उन्होंने हमले में मारे गए तीन अमेरिकियों के परिजनों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की। गौरतलब है कि बशर अल असद की सरकार गिरने के बाद यह पहली बार है जब सीरिया में अमेरिकी सैनिकों पर हमला हुआ है।
आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान हमला
पेटागन के मुख्य प्रवक्ता ने बताया कि यह हमला आतंकवाद विरोधी अभियान में तैनात अमेरिकी सैनिकों पर किया गया। रिपब्लिकन सीनेटर जोनी ने कहा कि मारे गए सैनिक आयोवा नेशनल गार्ड से थे। उन्होंने सैनिकों की मौत पर गहरा दुख जताते हुए घायल जवानों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
जवाबी कार्रवाई में आतंकी ढेर
यूएस सेंट्रल कमांड के मुताबिक, एक आईएसआईएस आतंकी ने यह हमला किया था, जिसे जवाबी कार्रवाई में मार गिराया गया। इसके बाद ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर चेतावनी देते हुए कहा कि इस हमले के बहुत गंभीर परिणाम होंगे।
सीरिया में अमेरिकी मौजूदगी और बदले हालात
आईएसआईएस से लड़ाई के लिए अमेरिका ने पूर्वी सीरिया में अपनी सेना तैनात कर रखी है। बशर अल असद के शासनकाल में अमेरिका ने सीरिया से कूटनीतिक संबंध तोड़ लिए थे, लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद दोनों देशों के रिश्ते फिर बहाल हुए हैं। हाल ही में सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल शारा ने अमेरिका का दौरा किया था। यह फ्रांस से आजादी के बाद पहली बार था जब कोई सीरियाई राष्ट्रपति व्हाइट हाउस पहुंचा था।
अल शारा का विवादित अतीत
अहमद अल शारा के नेतृत्व में ही दिसंबर 2024 में विद्रोहियों ने बशर अल असद की सरकार को सत्ता से हटाया था। कभी अल शारा के अल कायदा से कथित संबंध रहे थे और अमेरिका ने उन पर 1 करोड़ डॉलर का इनाम भी रखा था। बदले हालात में अब वही नेता अमेरिका के साथ कूटनीतिक रिश्तों में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
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