Karimnagar : निवासियों को नोटिस मिलने पर प्रदर्शन

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गंगुला कमलाकर ने स्थानीय लोगों का किया समर्थन

करीमनगर। लोअर मनैर बांध (LMD) के पास रहने वाले निवासियों को सिंचाई विभाग द्वारा जारी किए गए नोटिस की विभिन्न वर्गों द्वारा तीखी आलोचना की जा रही है, तथा राजनीतिक नेताओं ने इस कदम का कड़ा विरोध किया है। एलएमडी कॉलोनी, डिवीजन-5 के सब-डिवीजन-1 के उप-कार्यकारी अभियंता (DEE) ने हाल ही में एलएमडी बांध के 200 मीटर के दायरे में रहने वालों को नोटिस जारी कर अपने ढाँचे हटाकर रहने की वैकल्पिक व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि ऐसा न करने पर बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के अध्याय 10, खंड 41 के तहत एक साल तक की कैद हो सकती है

स्थानीय लोगों ने जताई हैरानी

डीईई ने बताया कि एलएमडी के निर्माण के दौरान, बिना किसी आधिकारिक अनुमति के, बांध और राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास के बीच कई अनधिकृत संरचनाएँ बन गईं। बांध सुरक्षा अधिनियम और भारतीय मानक संहिता के अनुसार, जल निकासी व्यवस्था, राहत कुओं और बहिर्वाह तंत्र की उचित निगरानी सुनिश्चित करने के लिए बांध के 200 मीटर के दायरे में किसी भी संरचना की अनुमति नहीं है। तदनुसार, विभाग ने प्रतिबंधित क्षेत्र के भीतर ऐसे सभी निर्माणों को हटाने का आदेश दिया। सप्तगिरि कॉलोनी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बथुकम्मा कॉलोनी, हसनपुर कॉलोनी और पेद्दम्मा कॉलोनी के निवासियों को ये नोटिस मिले हैं। कई स्थानीय लोगों ने इन्हें पाकर हैरानी और चिंता व्यक्त की है।

विधायक ने किया दौरा

विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया है, नोटिसों की आलोचना की है तथा निवासियों को अपना समर्थन देने की पेशकश की है। बीआरएस नेता और स्थानीय विधायक गंगुला कमलाकर ने बुधवार को हसनपुर और बथुकम्मा कॉलोनी का दौरा किया। निवासियों से बातचीत करते हुए, उन्होंने उन्हें आश्वासन दिया कि वे उनकी समस्या का समाधान करेंगे। मीडिया से बात करते हुए कमलाकर ने कहा कि जब क्षेत्र में रहने वाले अधिकांश लोग आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से हैं, तो बेदखली नोटिस जारी करना “उचित नहीं” है।

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करीमनगर का इतिहास क्या है?

यह क्षेत्र सातवाहन वंश, काकतीय वंश और निज़ाम शासन का ऐतिहासिक केंद्र रहा है। करीमनगर का नाम क़ाज़ी करीमुद्दीन से पड़ा, जो हैदराबाद निज़ाम के अधीन अधिकारी थे। यह स्थान सांस्कृतिक, शिल्पकला और वास्तुकला में समृद्ध रहा है, खासकर एलगंडला किला और लोअर मनैर डैम के लिए प्रसिद्ध है।

करीमनगर का दूसरा नाम क्या है?

इस शहर को “शिल्प नगरी” भी कहा जाता है, क्योंकि यहां की मूर्तिकला, पत्थर कारीगरी और हस्तशिल्प बहुत प्रसिद्ध हैं। ऐतिहासिक रूप से इसे एलगुंडला नाम से भी जाना गया है, जो एक प्राचीन बस्ती और किला क्षेत्र से जुड़ा हुआ है।

करीमनगर में कितने लोग रहते हैं?

2023 के अनुमान के अनुसार करीमनगर शहर की जनसंख्या करीब 3.5 लाख से अधिक है, जबकि ज़िले की कुल जनसंख्या लगभग 10 लाख से अधिक मानी जाती है। जनसंख्या में वृद्धि शिक्षा, व्यापार, और औद्योगिक विकास के कारण हुई है।

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