आस्था के महापर्व छठ के अवसर पर बेगूसराय विधानसभा क्षेत्र से महागठबंधन में कांग्रेस के कैंडिडेट और महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष (Amita Bhushan) अमिता भूषण ने अपने आवास पर छठ पूजा किया। इस दौरान उन्होंने छठ मैया से सिर्फ अपने और समाज के कल्याण के लिए कामना नहीं की, बल्कि महागठबंधन की जीत और बिहार के उत्थान के लिए भी आशीर्वाद मांगा है।
जिसका अस्त होता है, उसी का उदय होता है
पत्रकारों से बात करते हुए अमिता भूषण ने कहा, कि (Chhath Maiya) छठ मैया का आशीर्वाद है और उन्हीं की कृपा से यहां तक पहुंचे हैं। छठ महापर्व संदेश देता है कि जिसका अस्त होता है, उसी का उदय होता है। जिसका उदय रहता है, उसका अस्त होता है। अस्त मतलब उम्मीद और हमेशा उम्मीद पर रहना चाहिए।
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छठ में डूबते हुए सूरज को भी अर्घ्य दिया जाता है और उगते हुए सूरज को भी अर्घ्य दिया जाता है।
माई बहिन योजना महिलाओं में उम्मीद जगाती
यह एक उम्मीद और आशा दिखाता है। हम सबको भी आशा है कि सबके लिए अच्छा होगा। छठ मैया की कृपा से महागठबंधन की सरकार बनेगी। महागठबंधन से लोगों की उम्मीदें हैं, आशा है। माई बहिन योजना के तहत महिलाओं को 2500 रुपए महीना देने का वादा किया गया है।यह योजना महिला मतदाताओं में एक उम्मीद जगाती है।
बिहार आगे बढ़ेगा तो सबका होगा कल्याण
उद्यमी योजना के तहत महिलाओं को 10-10 हजार रुपया दिए जाने पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कि अभी जो पैसा दिए, उसके लिए 6 महीना-साल भर क्यों नहीं सोचे। ऐसे निर्णय चुनाव को ध्यान में रखकर लिए जा रहे हैं। छठी मैया महागठबंधन के सभी लोगों पर कृपा करें। जिससे हमारा बिहार समृद्ध बने, विकसित बने और बिहार खूब आगे बढ़े, बिहार आगे बढ़ेगा तो निश्चित रूप से सबका कल्याण होगा।
छठी मैया कौन देवी है?
देवी कात्यायनी का ही स्वरूप हैं छठी माता- छठ पूजा में जिस छठ मईया के नाम से पूजन होता है, वह यही देवी हैं. उन्होंने बुरी प्रकृति (यानी राक्षसों) का विनाश करके सदाचरण करने वाली प्रकृति को संरक्षित किया था. इसलिए छठ में माता की पूजा प्रकृति के शोधक-रक्षक और पालिका के रूप में होती है.
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