इंडिगो की फ्लाइट में यात्रियों को हुई भारी परेशानी
रायपुर से दिल्ली आ रही इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6ई 6313 को रविवार को उस समय बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा, जब दिल्ली एयरपोर्ट के पास पहुंचते ही अचानक तेज धूल भरी आंधी आ गई। इस खराब मौसम और 80 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं के कारण विमान को लैंडिंग से ठीक पहले वापस उड़ान भरना पड़ा। इंडिगो की यह फ्लाइट अपने तय समय पर रायपुर से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। लेकिन जैसे ही विमान दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरने वाला था, मौसम ने अचानक करवट ली। राजधानी दिल्ली में धूल भरी तेज आंधी शुरू हो गई, जिससे रनवे पर विजिबिलिटी काफी कम हो गई।
पायलट ने विमान को सुरक्षित ऊंचाई तक विमान को चढ़ाया
जब विमान जमीन से कुछ ही मीटर ऊपर था और उतरने की तैयारी में था, तभी पायलट ने यात्रियों को सूचित किया कि मौसम अनुकूल नहीं है और हवा की रफ्तार 80 किमी/घंटा तक पहुंच गई है। ऐसे में उन्होंने वापस उड़ान भरने का फैसला किया। इसके बाद पायलट ने विमान को सुरक्षित ऊंचाई तक चढ़ाया और उसके बाद कई बार हवाई अड्डे के आस-पास चक्कर लगाए ताकि मौसम थोड़ा साफ हो सके और लैंडिंग सुरक्षित हो। इस दौरान यात्रियों को थोड़ी घबराहट जरूर हुई, लेकिन पायलट ने समय-समय पर घोषणा करके सभी को भरोसा दिलाया कि स्थिति नियंत्रण में है।
इंडिगो के फ्लाइट क्रू और पायलट की की तारीफ
वहीं इस घटना के बाद फ्लाइट क्रू और पायलट की सूझबूझ की तारीफ हो रही है क्योंकि अगर ऐसे मौसम में जबरदस्ती लैंडिंग की कोशिश की जाती, तो कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। आखिरकार जब मौसम थोड़ा सामान्य हुआ, तब पायलट ने विमान को सुरक्षित रूप से दिल्ली हवाई अड्डे पर उतारा। विमान की लैंडिंग के बाद यात्रियों ने चैन की सांस ली और कई यात्रियों ने पायलट और एयरलाइन कर्मचारियों का आभार जताया।
जानिए क्या होता है गो अराउंड का मतलब
गो-अराउंड का मतलब होता है कि अगर विमान उतरने के आखिरी पलों में भी पायलट को लगता है कि लैंडिंग सुरक्षित नहीं होगी, तो वह लैंडिंग छोड़कर विमान को वापस ऊपर चढ़ा देता है। यह एक सामान्य लेकिन बेहद जरूरी सुरक्षा प्रक्रिया होती है।
इससे पहले नई दिल्ली से श्रीनगर जाने वाली इंडिगो फ्लाइट बुधवार को खराब मौसम के चलते और ओलावृष्टि के कारण क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस दौरान लाहौर एटीसी ने पाकिस्तानी विमानन मंत्रालय की ओर से जारी नोटम के तहत इंडिगो की उड़ान 6E-214 को पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी थी। इसके बाद विमान का मार्ग श्रीनगर के लिए बदला गया, जहां विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई थी।