बेंगलुरु । कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी रार थमने का नाम नहीं ले रही है। कांग्रेस में बढ़ती खींचतान ने राज्य की राजनीति को अस्थिर कर दिया है और ऐसा माना जा रहा है कि इस स्थिति का फायदा तीसरी पार्टी (Third Party) भी उठा सकती है। कांग्रेस के अंदरूनी विवाद के बीच भाजपा भी अलर्ट मोड में है। इसी माहौल में पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक रमेश जरकिहोली (Ramesh Jarkiholi) का बयान सियासी हलचल तेज कर रहा है।
डीके भाजपा में आए तो हमें नया विकल्प देखना होगा : जरकिहोली
रमेश जरकिहोली ने कहा कि भाजपा को कांग्रेस सरकार गिराने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि अगर उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (DK Shivkumar) भाजपा में आते हैं, तो उन्हें खुद अन्य विकल्प तलाशने पड़ेंगे। खबर है कि शिवकुमार समर्थक कई विधायक इन दिनों दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान से मिलने के लिए डेरा डाले हुए हैं।
“शिवकुमार भाजपा में आए तो मैं उन्हें नेता नहीं मानूंगा”
जब उनसे पूछा गया कि क्या शिवकुमार पार्टी बदलकर भाजपा के समर्थन से सरकार बनाएंगे, इस पर जरकिहोली ने कहा—ऐसी संभावना कम है, लेकिन अगर ऐसा हुआ तो मैं उन्हें अपना नेता स्वीकार नहीं कर पाऊंगा। इस जीवन में तो बिल्कुल नहीं।” उन्होंने दावा किया कि शिवकुमार को कांग्रेस विधायकों का उतना समर्थन नहीं है, वरना वे पहले ही मुख्यमंत्री बन चुके होते।
भाजपा को न्यूट्रल रहने की सलाह
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जरकिहोली ने भाजपा नेतृत्व को सलाह दी— हमें कांग्रेस के मामले में दखल नहीं देना चाहिए। यह दलदल है और भाजपा को इससे दूर रहना चाहिए।” उन्होंने कहा कि पावर शेयरिंग को लेकर कांग्रेस नेताओं में भारी भ्रम है और कुछ नेता किसी भी तरह से सीएम पद हासिल करना चाहते हैं। जरकिहोली का कहना है कि भाजपा को अगले चुनाव का इंतजार करना चाहिए और पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करनी चाहिए।
“कांग्रेस के पास जनादेश है, उन्हें कार्यकाल पूरा करने दें”
जरकिहोली ने यह भी कहा कि कांग्रेस के पास प्रजा का जनादेश है, इसलिए उसे अपना कार्यकाल पूरा करने देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार जनविरोधी है और अगर यह ढाई साल और सत्ता में रही, तो अगले चुनाव में जनता स्वाभाविक रूप से भाजपा को चुनेगी।
डीके समर्थकों का जत्था दिल्ली में, आलाकमान पर दबाव बढ़ा
रिपोर्ट्स के अनुसार, शिवकुमार का समर्थन करने वाले विधायकों का एक समूह रविवार रात दिल्ली पहुंचा है।
सूत्रों के मुताबिक, कम से कम छह विधायक पहले ही दिल्ली में मौजूद हैं और सीएम पद के लिए शिवकुमार को आगे करने की मांग तेज हो रही है। जल्द ही और विधायक दिल्ली पहुंच सकते हैं।
सिद्धारमैया का जवाब—आलाकमान जो तय करेगा, वही मानेंगे
CM सिद्धारमैया ने कहा— हम आलाकमान के फैसले का पालन करेंगे। अगर वे तय करते हैं कि मैं मुख्यमंत्री बना रहूं, तो मैं रहूंगा।” उन्होंने यह भी कहा कि जो भी निर्णय होगा, शिवकुमार को भी उसे स्वीकार करना चाहिए।
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