Latest Hindi News : टारगेट की पुष्टि के बाद हमला करेगी भारत की नई मिसाइल

Read Time:  1 min
नई मिसाइल
नई मिसाइल
FONT SIZE
GET APP

नई दिल्ली। मई में ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के बाद भारत ने पांचवीं और छठवीं पीढ़ी की तकनीक पर काम करने के लिए एएमसीए प्रोजेक्ट को लॉन्च किया है। मोदी सरकार (Modi Government) की ओर से शुरुआती चरण में इसके लिए 15 हजार करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया गया है।

एएमसीए के साथ मिसाइल टेक्नोलॉजी पर भी फोकस

फाइटर जेट और ड्रोन के साथ-साथ भारत मिसाइल टेक्नोलॉजी (Missile Technology) के क्षेत्र में भी तेजी से काम कर रहा है। बताया जा रहा है कि भारत अब ऐसी मिसाइल विकसित कर रहा है, जो टारगेट को लॉक करने के बाद यह कंफर्म करेगी कि हमला उसी लक्ष्य पर करना है या किसी अन्य पर।

कंफर्मेशन के बाद ही होगा हमला

टारगेट कंफर्म होते ही यह मिसाइल पलक झपकते ही दुश्मनों को तबाह करने में सक्षम होगी। इस मिसाइल को खासतौर पर भारतीय वायुसेना के लिए डिजाइन किया जा रहा है, जिससे उसकी मारक क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।

डीआरडीओ कर रहा है नेक्स्ट जेनरेशन क्रूज मिसाइल पर काम

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) भारतीय वायुसेना के लिए नेक्स्ट जेनरेशन क्रूज मिसाइल विकसित कर रहा है। इसकी मारक क्षमता लगभग 250 किलोमीटर होगी।

लॉइटरिंग क्षमता होगी खास फीचर

इस मिसाइल को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि यह लॉन्च होने के बाद तय इलाके के ऊपर कुछ समय तक मंडरा सकेगी। इस दौरान यह रियल टाइम में निगरानी करेगी और अंतिम हमले से पहले लक्ष्य की पुख्ता पहचान की जा सकेगी।

लॉन्च के बाद बदला जा सकेगा लक्ष्य

मौजूदा क्रूज मिसाइलों में लॉन्च के साथ ही लक्ष्य तय हो जाता है, लेकिन इस नई प्रणाली में लॉन्च करने वाले लड़ाकू विमान से हथियार प्रणाली अधिकारी लक्ष्य की पुष्टि के बाद ही हमले की अनुमति दे सकेगा।

ब्रह्मोस से ज्यादा सटीक और सुरक्षित हमला

नेक्स्ट जेनरेशन क्रूज मिसाइल टारगेट लॉक होने और कंफर्मेशन मिलने तक हमला नहीं करेगी। इससे कोलेटरल डैमेज की आशंका बेहद कम हो जाएगी।

50 किलोग्राम का वारहेड और मॉड्यूलर डिजाइन

इस मिसाइल में 50 किलोग्राम का विस्फोटक वारहेड लगाया जा सकेगा, जो अलग-अलग तरह के लक्ष्यों को नष्ट करने के लिए पर्याप्त होगा। इसका डिजाइन मॉड्यूलर होगा, जिससे मिशन की जरूरत के अनुसार अलग-अलग पेलोड लगाए जा सकेंगे।

उन्नत सेंसर और गाइडेंस सिस्टम से लैस

मिसाइल में इन्फ्रारेड लक्ष्य खोजने वाले सेंसर, उन्नत गाइडेंस सिस्टम, इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम (आईएनएस) और जीपीएस का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे सटीकता और भरोसेमंद हमला संभव होगा। लॉइटरिंग क्षमता के कारण मिसाइल लक्ष्य क्षेत्र के ऊपर चक्कर लगाते हुए लाइव तस्वीरें और जानकारियां लॉन्च करने वाले विमान तक भेज सकेगी

Read Also असम में हाथियों से टकराई राजधानी, 5 डिब्बे बेपटरी, 8 हाथियों की मौत

जमीन और समुद्र दोनों लक्ष्यों पर हमला संभव

इस मिसाइल की एक बड़ी खासियत यह है कि इसे जमीन और समुद्र—दोनों तरह के लक्ष्यों पर हमला करने के लिए विकसित किया जा रहा है। इससे ‘मैन-इन-द-लूप’ यानी मानव निगरानी में सटीक और सुरक्षित हमला संभव होगा।

Read More :

Anuj Kumar

लेखक परिचय

Anuj Kumar

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।