इंदौर में 19 वर्षीय छात्रा प्रियांशी राव का सुसाइड से पहले का (Video) वीडियो सामने आया है। इसमें प्रियांशी रोते हुए कह रही है कि वह बहुत परेशान है। उसके साथ धोखा हुआ है। वीडियो में वह भूमि और नवीन को सजा दिलाने की बात कह रही है। साथ ही यह भी कहती है कि “इन्होंने मुझे पागल कर दिया है। मैं नवीन के बिना नहीं रह पाऊंगी… सॉरी।”
हीरा नगर थाना क्षेत्र में रहने वाली सेज यूनिवर्सिटी की छात्रा प्रियांशी (Priyanshi) ने 24 नवंबर को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। अब सामने आए वीडियो और मोबाइल चैट के आधार पर पुलिस ने नर्मदापुरम निवासी नवीन पिता नारायण गौर और उसकी साथी युवती भूमि को आरोपी बनाया है।
टीआई सुशील पटेल के मुताबिक, 20 दिसंबर को भूमि को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया है। सोमवार सुबह आरोपी नवीन गौर अग्रिम जमानत के लिए इंदौर आया था। कोर्ट पहुंचने से पहले उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।
मोबाइल में मिले वीडियो और मैसेज
थाना प्रभारी सुशील पटेल ने बताया कि प्रियांशी ने चेन से फांसी लगाई थी। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, लेकिन उसके मोबाइल में एक वीडियो और कई मैसेज मिले हैं। इन मैसेज में प्रियांशी की नवीन और भूमि से बातचीत सामने आई है।
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जांच में यह भी सामने आया है कि भूमि के मोबाइल से प्रियांशी को बार-बार मैसेज और कॉल किए गए, जिनमें उसे नवीन का पीछा छोड़ने के लिए कहा गया था। इसके अलावा नवीन ने कैफे के एक बिजनेस में प्रियांशी से पैसे भी लगवाए थे।
अलग रह रही थी प्रियांशी
पुलिस का कहना है कि भूमि और नवीन की प्रताड़ना से परेशान होकर प्रियांशी ने नवीन का कमरा खाली कर दिया था और मेघदूत नगर में अलग रहने लगी थी। आत्महत्या से करीब एक सप्ताह पहले उसने रिश्तेदारों की मदद से नया रूम लिया था। इसके बाद नवीन नर्मदापुरम चला गया था और फिर भूमि व प्रियांशी के बीच विवाद हुआ।
देवास की रहने वाली थी छात्रा
प्रियांशी मूल रूप से देवास की रहने वाली थी। उसकी दो बहनें हैं, जिनमें से एक माता-पिता के साथ रहती है। दूसरी भोपाल में पढ़ाई कर रही है। परिजनों के मुताबिक, प्रियांशी सुसाइड से पहले डिप्रेशन में थी।
Indore का पुराना नाम क्या था?
इंदौर को उज्जैन से ओंकारेश्वर की ओर जाने वाले नर्मदा नदी घाटी मार्ग पर एक व्यापार बाजार के रूप में स्थापित किया गया था, वहीं इंद्रेश्वर मंदिर (1741) का निर्माण किया गया, जहाँ से ही पहले इंदूर और बाद में इन्दौर नाम प्राप्त हुआ।
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