नई दिल्ली। भारत सरकार देश की सीमाओं की सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। घुसपैठ, तस्करी और सीमा पार से होने वाली आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर बड़े पैमाने पर भौतिक बाड़बंदी (Facing) की गई है। गृह मंत्रालय ने लोकसभा में इसकी विस्तृत जानकारी दी है।
लोकसभा में सरकार ने दी जानकारी
सदन को गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लिखित उत्तर में बताया कि भारत-पाकिस्तान (India-Pakistan) अंतरराष्ट्रीय सीमा के 93 प्रतिशत से अधिक हिस्से पर फेंसिंग पूरी हो चुकी है। मंत्रालय के अनुसार, भारत-पाकिस्तान सीमा की कुल लंबाई 2,289.66 किलोमीटर है।
भारत-पाक सीमा पर 93.25 प्रतिशत फेंसिंग पूरी
कुल सीमा में से 2,135.136 किलोमीटर, यानी लगभग 93.25 प्रतिशत क्षेत्र में बाड़ लगाई जा चुकी है। हालांकि अब भी 154.524 किलोमीटर (6.75 प्रतिशत) सीमा क्षेत्र ऐसा है, जहां फेंसिंग का काम शेष है। यह सीमा जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात (Rajasthan and Gujrat) से होकर गुजरती है और राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील मानी जाती है।
भारत-बांग्लादेश सीमा पर भी व्यापक बाड़बंदी
भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी बड़े स्तर पर फेंसिंग का काम किया गया है। कुल 4,096.70 किलोमीटर लंबी इस सीमा में से 3,239.92 किलोमीटर, यानी करीब 79.08 प्रतिशत हिस्से पर बाड़बंदी पूरी हो चुकी है।
856 किलोमीटर सीमा पर फेंसिंग अब भी बाकी
भारत-बांग्लादेश सीमा के लगभग 856.778 किलोमीटर (20.92 प्रतिशत) हिस्से पर अब भी फेंसिंग नहीं हो सकी है। यह सीमा पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम से होकर गुजरती है, जहां अवैध घुसपैठ और तस्करी की चुनौतियां लंबे समय से बनी हुई हैं।
भारत-म्यांमार सीमा पर भी बढ़े कदम
गृह मंत्रालय ने यह भी बताया कि भारत-म्यांमार सीमा पर फेंसिंग की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। 1,643 किलोमीटर लंबी इस सीमा में अब तक 9.214 किलोमीटर हिस्से पर भौतिक बाड़ लगाने का काम पूरा किया जा चुका है। हालांकि यह प्रगति अभी शुरुआती चरण में है।
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राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा है फेंसिंग
सरकार का कहना है कि सीमा पर बाड़ लगाना उसकी व्यापक राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उद्देश्य अवैध घुसपैठ रोकना, सीमा पार अपराधों पर नियंत्रण और सीमावर्ती इलाकों में शांति व स्थिरता बनाए रखना है।
तकनीकी निगरानी और बलों की तैनाती भी मजबूत
उल्लेखनीय है कि भारत की कुल भूमि सीमा लगभग 15,106.7 किलोमीटर और तटरेखा 7,516.6 किलोमीटर लंबी है। भारत सात पड़ोसी देशों के साथ भूमि सीमा साझा करता है। सरकार के अनुसार, फेंसिंग के साथ-साथ तकनीकी निगरानी और सीमा सुरक्षा बलों की तैनाती को भी लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है।
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