मुख्य बातें: –
- चुनावी हार के बाद ममता बनर्जी का भाजपा पर हमला
- अल्पसंख्यकों और हॉकर्स को निशाना बनाने का आरोप
- हिंसा के आरोपों को लेकर हाईकोर्ट पहुंची टीएमसी
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस प्रमुख (Mamata Banerjee) ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। कालीघाट (Kalighat) स्थित अपने आवास पर पार्टी विधायकों की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में भाजपा को केंद्र की सत्ता से हटना पड़ेगा।
15 साल बाद खत्म हुआ टीएमसी का शासन
हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए पश्चिम बंगाल में सरकार बनाई है। इसके साथ ही राज्य में पिछले 15 वर्षों से चला आ रहा तृणमूल कांग्रेस (TMC) का शासन समाप्त हो गया। हालांकि हार के बावजूद टीएमसी नेतृत्व ने भाजपा के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया है।
अल्पसंख्यकों और हॉकर्स को निशाना बनाने का आरोप
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि नई सरकार बनने के बाद अल्पसंख्यक समुदायों और सड़क किनारे दुकान लगाने वाले हॉकर्स को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कथित तानाशाही और बुलडोजर संस्कृति के खिलाफ जनता का आक्रोश बढ़ेगा, जो अंततः भाजपा सरकार को सत्ता से बाहर कर देगा।
टीएमसी करेगी बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन
टीएमसी ने कोलकाता, बालीगंज, हावड़ा जंक्शन और सियालदह रेलवे स्टेशन के आसपास बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू करने की घोषणा की है। पार्टी को उम्मीद है कि यह आंदोलन भाजपा के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर का माहौल तैयार करेगा।
अभिषेक बनर्जी ने भी साधा निशाना
बैठक में टीएमसी महासचिव Abhishek Banerjee ने भी भाजपा और राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों के नोटिस या कार्रवाई से वे डरने वाले नहीं हैं और राजनीतिक लड़ाई जारी रहेगी।
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हिंसा के आरोपों पर हाईकोर्ट पहुंची टीएमसी
चुनाव परिणाम आने के बाद राज्य के कई हिस्सों से हिंसा और झड़पों की खबरें सामने आई हैं। इस मामले में टीएमसी ने Calcutta High Court में याचिका दाखिल की है। पार्टी का आरोप है कि टीएमसी कार्यकर्ताओं और पार्टी कार्यालयों को निशाना बनाया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ममता बनर्जी खुद वकील की पोशाक पहनकर चीफ जस्टिस की अदालत में पेश हुईं। उन्होंने प्रभावित कार्यकर्ताओं की सुरक्षा और हिंसा की निष्पक्ष जांच की मांग की।
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