Bhopal : एक्ट्रेस ट्विशा डेथ केस में बड़ा खुलासा

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ट्विशा
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लोकेशन ट्रेसिंग से बचने के लिए मोबाइल बंद

ट्विशा डेथ केस में जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी समर्थ फरारी के दौरान करीब 10 दिन तक जबलपुर में रुका रहा। पुलिस के मुताबिक, समर्थ ने फरारी के दौरान अपना मोबाइल फोन बंद रखा ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस न की जा सके। जांच एजेंसियां अब उसके मूवमेंट और संपर्कों की जानकारी जुटा रही हैं।

जबलपुर में छिपकर बिताए 10 दिन

लगातार बदलता रहा ठिकाना-जानकारी के अनुसार, आरोपी ने पकड़े जाने से बचने के लिए कई जगहों पर ठिकाने बदले। पुलिस अब उन सभी स्थानों की जांच कर रही है जहां वह रुका था।

भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा (Twisha Sharma) की मौत के मामले की जांच लगातार उलझती जा रही है। मुख्य आरोपी समर्थ सिंह से पूछताछ के बाद कई नए खुलासे सामने आए हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि घटना के बाद समर्थ करीब 10 दिन तक जबलपुर में छिपा रहा। इसकी पुष्टि कटारा हिल्स थाना प्रभारी सुनील दुबे ने भी की है। समर्थ अभी पुलिस रिमांड पर है।

फरारी के दौरान समर्थ ने अपना मोबाइल भी बंद रखा, ताकि पुलिस लोकेशन ट्रेस न कर सके। हालांकि तकनीकी जांच में उसकी आखिरी मोबाइल लोकेशन भोपाल (Location Bhopal) में ट्रेस हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी थी।

लोकेशन बदलने की बात कबूली

पूछताछ में समर्थ ने फरारी के दौरान लगातार लोकेशन बदलने और लोगों से सीधे संपर्क से बचने की बात कबूल की है। जांच एजेंसियों को शक है कि उसे किसी न किसी स्तर पर मदद मिल रही थी। इसी वजह से पुलिस अब उन लोगों की पहचान कर रही है, जो 12 और 13 मई को उसके संपर्क में थे।

पुलिस जल्द ही उनसे पूछताछ करेगी, ताकि यह साफ हो सके कि फरारी के दौरान उसे किसने ठिकाना और मदद उपलब्ध कराई।

पुलिस ने घटनास्थल का किया मुआयना

घटनास्थल का दोबारा मुआयना भी किया है। अधिकारियों ने मौके का नक्शा तैयार कर हर पहलू का वेरिफिकेशन शुरू किया है। जांच टीम यह सुनिश्चित करना चाहती है कि घटनाक्रम पूरी तरह सही है या किसी प्रकार के साक्ष्यों से छेड़छाड़ हुई है। घटनास्थल से मिले कुछ संकेत अब तक की थ्योरी से पूरी तरह मेल नहीं खा रहे हैं, इसलिए हर एंगल से जांच की जा रही है।

केंद्रीय एजेंसी को सौंपे जा सकते हैं दस्तावेज

मामले में सीबीआई जांच की संभावना भी लगातार मजबूत होती दिख रही है। राज्य स्तर पर जुटाए गए दस्तावेज और सबूत केंद्रीय एजेंसी को सौंपे जा सकते हैं। यदि सीबीआई जांच शुरू होती है, तो तकनीकी और फॉरेंसिक पहलुओं की गहराई से पड़ताल की जाएगी।

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जांच एजेंसियां फिलहाल मोबाइल डेटा, सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के जरिए यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि घटना से पहले और बाद में कौन-कौन लोग सक्रिय थे। ट्विशा की अंतिम चैट्स और मूवमेंट भी जांच के दायरे में हैं।

ड्राइविंग नहीं आती थी फिर कार की चाबी कैसे?

अब तक पुलिस ट्विशा की मौत के समय पहने कपड़े, फंदा और उसका मोबाइल फोन जब्त कर चुकी है। मोबाइल की कॉल डिटेल, चैट और डिजिटल गतिविधियों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान ट्विशा की शॉर्ट्स की जेब से फॉक्सवैगन कार की चाबी भी मिली थी। जबकि परिजनों के मुताबिक ट्विशा को ड्राइविंग नहीं आती थी। ऐसे में पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह चाबी उसकी जेब तक कैसे पहुंची।

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Surekha Bhosle

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Surekha Bhosle

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