Bhagat Singh Koshyari : पूर्व CM भगत सिंह कोश्यारी को आज मिलेगा पद्मभूषण

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Bhagat Singh Koshyari
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मुख्य बातें: 

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु राष्ट्रपति भवन में करेंगी सम्मानित
  • ‘भगत दा’ के नाम से प्रसिद्ध हैं कोश्यारी
  • शिक्षा, समाजसेवा और राजनीति में रहा लंबा योगदान

देहरादून। (Bhagat Singh Koshyari) को सोमवार को देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में शामिल ‘पद्मभूषण’ से सम्मानित किया जाएगा। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष समारोह में राष्ट्रपति (Droupadi Murmu) उन्हें यह सम्मान प्रदान करेंगी।उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी लंबे समय से सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। ‘भगत दा’ के नाम से लोकप्रिय कोश्यारी को राष्ट्रवादी विचारधारा और जनसेवा के लिए जाना जाता है।

शिक्षा और समाजसेवा से शुरू हुआ सफर

भगत सिंह कोश्यारी ने वर्ष 1966 में खुद को शिक्षा और समाजसेवा के कार्यों के लिए समर्पित कर दिया था। उन्होंने पिथौरागढ़ में सरस्वती शिशु मंदिर की स्थापना की और लंबे समय तक समाज जागरण के कार्यों से जुड़े रहे।उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) में विभाग कार्यवाह के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई। इसके अलावा पिथौरागढ़ से हिंदी साप्ताहिक समाचार पत्र का प्रकाशन भी किया।

आपातकाल में गए जेल

देश में आपातकाल के दौरान भगत सिंह कोश्यारी को मीसा कानून के तहत गिरफ्तार भी किया गया था। इसके बाद उनका राजनीतिक सफर लगातार आगे बढ़ता गया। वर्ष 1997 में उन्हें उत्तर प्रदेश विधान परिषद के लिए नामित किया गया।

उत्तराखंड राजनीति में निभाई अहम भूमिका

उत्तराखंड राज्य गठन के बाद अंतरिम सरकार में उन्होंने कैबिनेट मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली। बाद में वह उत्तरांचल (अब उत्तराखंड) के मुख्यमंत्री भी बने। इसके साथ ही उन्होंने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका भी निभाई। वर्ष 2008 में वह राज्यसभा सदस्य चुने गए, जबकि 2014 में नैनीताल-ऊधम सिंह नगर सीट से लोकसभा पहुंचे।

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महाराष्ट्र के राज्यपाल भी रहे

5 सितंबर 2019 को भगत सिंह कोश्यारी को महाराष्ट्र का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। इसके अलावा अगस्त 2020 में उन्हें गोवा के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया था।

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Anuj Kumar

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Anuj Kumar

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