नई दिल्ली । बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ हिंसा और अस्थिर हालातों ने भारत (India) में भी चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है। पड़ोसी देश में बिगड़ती स्थिति के विरोध में भारत के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन हो रहे हैं। इस पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रतिक्रिया दी है।
प्रदर्शन हिंसक नहीं, लोकतंत्र का अधिकार
थरूर ने कहा कि इन प्रदर्शनों के हिंसक होने की आशंका निराधार है। उन्होंने बताया कि एक जीवंत लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने और विरोध जताने का संवैधानिक अधिकार है। भारत में हो रहे ये प्रदर्शन फिलहाल पूरी तरह नियंत्रण में हैं और पुलिस किसी अप्रिय स्थिति को रोकने में सक्षम है।
बांग्लादेश सरकार पर कड़ा संदेश
थरूर ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार और उसके प्रमुख मोहम्मद यूनुस (Mohammad Yunus) पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल घटनाओं पर खेद जताना या निंदा करना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सड़कों पर हिंसा रोकना और कानून-व्यवस्था बहाल करना वहां की सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं तो लोकतंत्र अधूरा
सांसद ने कहा कि जब तक आम नागरिक और अल्पसंख्यक समुदाय सुरक्षित महसूस नहीं करेंगे, तब तक लोकतंत्र की बहाली संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पुलिस स्थिति संभालने में विफल हो रही है, तो सेना की मदद ली जानी चाहिए।
चुनावों की विश्वसनीयता पर सवाल
थरूर ने कहा कि जिस देश में डर का माहौल हो और मतदाता असुरक्षित महसूस कर रहे हों, वहां निष्पक्ष चुनाव कराना लगभग असंभव है। उन्होंने चुनाव से पहले शांति और सुरक्षा का वातावरण तैयार करने पर जोर दिया।
राजनीतिक उथल-पुथल और तारिक रहमान की वापसी
बांग्लादेश में छात्र नेता उस्मान हादी (Student Leader Usman Hadi) की हत्या के बाद से हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। परिवार और विपक्षी नेताओं ने अंतरिम सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान की वापसी की चर्चाओं ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है।
भारत की पैनी नजर
कट्टरपंथियों के बढ़ते प्रभाव और राजनीतिक हस्तियों की सक्रियता ने बांग्लादेश के भविष्य को अनिश्चितता के भंवर में डाल दिया है। भारत इस पूरी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है, क्योंकि वहां की अस्थिरता का सीधा असर सीमावर्ती क्षेत्रों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ता है।
शशि थरूर वर्तमान में क्या करते हैं?
शशि थरूर वर्तमान में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एक प्रमुख राजनेता, लेखक और पूर्व राजनयिक हैं, जो केरल के तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सांसद (MP) हैं और संसद की विदेश मामलों की स्थायी समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं, साथ ही वे एक सफल लेखक और सार्वजनिक वक्ता भी हैं।
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