बॉयलर ब्लास्ट और जनहानि का विवरण
सक्ती: सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार दोपहर करीब 2:00 बजे एक भयानक हादसा(Major Accident) हुआ। काम के दौरान अचानक बॉयलर की ट्यूब फटने से जोरदार धमाका हुआ, जिसकी चपेट में वहां मौजूद दर्जनों मजदूर आ गए। सक्ती एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने अब तक 4 मजदूरों की मौत की पुष्टि की है, जबकि रायगढ़(Raigad) के अस्पताल से मिल रही खबरों के अनुसार कुल मृतकों की संख्या 10 तक पहुंच सकती है। इस हादसे में 30 से 40 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए(Got Scorched) हैं, जिनका उपचार अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है।
राहत कार्य और घायलों की स्थिति
हादसे के तुरंत बाद जिला प्रशासन और पुलिस बल मौके पर सक्रिय हो गया। 18 गंभीर रूप से झुलसे मजदूरों को रायगढ़ के जिंदल फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया है, जबकि 11 घायलों का इलाज खरसिया के पद्मावती अस्पताल में जारी है। घटना की गंभीरता को देखते हुए सक्ती कलेक्टर अमृत विकास तोपनो और एडिशनल एसपी भारी पुलिस बल के साथ प्लांट में मौजूद हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस दुखद घटना पर संवेदना व्यक्त की है और घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं।
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परिजनों का हंगामा और सुरक्षा पर सवाल
घटना के बाद प्लांट परिसर के बाहर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। आक्रोशित परिजनों ने गेट पर हंगामा शुरू कर दिया है, उनकी मांग है कि उन्हें घायल परिजनों से मिलने दिया जाए और हादसे की असली वजह स्पष्ट की जाए। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस मामले में उचित मुआवजे और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। औद्योगिक सुरक्षा मानकों को लेकर भी अब सवाल उठने लगे हैं कि आखिर इतना बड़ा तकनीकी फॉल्ट कैसे हुआ जिससे इतने निर्दोष मजदूरों की जान चली गई।
सक्ती जिले के वेदांता पावर प्लांट में हादसा किस तकनीकी खराबी के कारण हुआ?
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, प्लांट में बॉयलर की ट्यूब फटने के कारण यह भीषण ब्लास्ट हुआ, जिसकी वजह से वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए।
हादसे के बाद घायलों को किन अस्पतालों में भर्ती कराया गया है?
गंभीर रूप से झुलसे 18 मजदूरों को रायगढ़ के जिंदल फोर्टिस अस्पताल और 11 अन्य घायलों को खरसिया के पद्मावती अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है।
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