नई दिल्ली। संसद का बजट सत्र बुधवार से शुरू हो रहा है, लेकिन इसके शांतिपूर्ण रहने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं। सत्र शुरू होने से पहले ही सरकार और विपक्ष के बीच टकराव के संकेत मिलने लगे हैं। बजट से पहले पांच राज्यों (Five State) में प्रस्तावित चुनावों के चलते राजनीतिक माहौल पहले से ही गरमाया हुआ है, जिसका असर संसद की कार्यवाही पर भी पड़ सकता है।
सर्वदलीय बैठक में सरकार–विपक्ष आमने-सामने
मंगलवार को आयोजित सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने वीबी-जीरामजी कानून और एसआईआर (SIR) विवाद पर चर्चा की मांग उठाई, जिसे सरकार ने सिरे से खारिज कर दिया। सरकार का कहना था कि इन मुद्दों पर पहले ही संसद में चर्चा हो चुकी है और दोबारा बहस संभव नहीं है। सरकार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब ‘गियर रिवर्स’ नहीं किया जा सकता।
कांग्रेस ने विधायी एजेंडा न बताने पर सरकार को घेरा
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने बजट सत्र से एक दिन पहले हुई सर्वदलीय बैठक में सरकार द्वारा अपना विधायी एजेंडा साझा न किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि बिना एजेंडा बताए सत्र चलाना संसदीय परंपराओं के खिलाफ है।
राष्ट्रपति के अभिभाषण से बजट सत्र की शुरुआत
बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु (President Draupadi Murmu) के संसद के दोनों सदनों में संयुक्त अभिभाषण के साथ बजट सत्र के पहले चरण की शुरुआत होगी। इस चरण में सबसे अहम कार्यक्रम एक फरवरी को लोकसभा में पेश होने वाला आम बजट रहेगा।
दो चरणों में चलेगा बजट सत्र
बजट सत्र का पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा। इसके बाद चार सप्ताह का अवकाश रहेगा। दूसरा चरण नौ मार्च से शुरू होकर दो अप्रैल तक चलेगा। सत्र के सुचारू संचालन के उद्देश्य से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई थी।
विपक्ष ने संसद को ‘नोटिस बोर्ड’ बनाने का आरोप लगाया
बैठक में कांग्रेस नेता जयराम रमेश, तृणमूल कांग्रेस की सागरिका घोष और माकपा सांसद जॉन ब्रिटास सहित कई विपक्षी नेताओं ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह विपक्ष को चर्चा का पर्याप्त समय नहीं देना चाहती। तृणमूल सांसद सागरिका घोष ने कहा कि संसद सरकार के लिए केवल नोटिस बोर्ड नहीं है और न ही यह एकतरफा रास्ता है।
सरकार का पक्ष: राष्ट्रपति अभिभाषण के बाद साझा होगा एजेंडा
विधायी एजेंडा साझा न करने के आरोपों पर सरकार ने सफाई देते हुए कहा कि यह साल का पहला सत्र है और परंपरा के अनुसार सरकारी कामकाज की सूची राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद जारी की जाती है। सरकार ने कहा कि उसका मुख्य उद्देश्य संसद को सुचारू रूप से चलाना है।
वर्मा के खिलाफ महाभियोग पर फिलहाल नहीं बढ़ेगी प्रक्रिया
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने स्पष्ट किया कि दिल्ली हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट स्थानांतरित किए गए जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव की प्रक्रिया बजट सत्र के पहले चरण में आगे बढ़ने की संभावना नहीं है।
अन्य पढ़े: बिहार में बदलेगा मौसम का मिज़ाज, कल 25 जिलों में झमाझम बारिश के आसार
जांच समिति की रिपोर्ट का इंतजार
रिजीजू ने बताया कि जस्टिस वर्मा के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। यह समिति पिछले वर्ष मानसून सत्र के दौरान 12 अगस्त को गठित की गई थी।
Read More :