नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर (External Affairs Minister S. Jaishankar) इन दिनों विदेश यात्राओं पर हैं। इन यात्राओं को भारत की बदलती और मजबूत होती कूटनीति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। पीएम मोदी (PM Modi) छोटे या बड़े देश का भेद किए बिना सभी को समान महत्व देते हैं।
ओमान और जॉर्डन के बाद इथियोपिया पहुंचे पीएम मोदी
पीएम मोदी ओमान और जॉर्डन (Oman and Jordan) की यात्रा पूरी कर चुके हैं। मंगलवार को उन्होंने इथियोपिया के साथ कई अहम समझौते किए और भारत-इथियोपिया संबंधों को नई ऊंचाई दी।
दूसरी ओर इजरायल में भारत की कूटनीति
जब पीएम मोदी इथियोपिया में भारत के रिश्तों को नई दिशा दे रहे थे, उसी समय हजारों किलोमीटर दूर विदेश मंत्री एस. जयशंकर यरुशलम में भारत-इजरायल संबंधों को मजबूत कर रहे थे।
नेतन्याहू से जयशंकर की मुलाकात
मंगलवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यरुशलम स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच टेक्नोलॉजी, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा सहयोग पर चर्चा हुई।
प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर फोकस
जयशंकर ने बताया कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू से प्रौद्योगिकी, कौशल एवं प्रतिभा, संपर्क, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर विस्तृत बातचीत हुई। उन्होंने पीएम मोदी की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।
रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का भरोसा
एस. जयशंकर ने कहा कि क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचार साझा किए गए और भरोसा जताया गया कि भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी आगे और सशक्त होगी।
भारत–इथियोपिया संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा
उधर पीएम मोदी ने इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि भारत–इथियोपिया संबंधों को ‘रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है और संबंधों को सुदृढ़ करने के लिए तीन अहम सुझाव भी दिए गए हैं।
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