National- 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट पर रूस का बड़ा प्रस्ताव, भारत के सामने अहम फैसला

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फाइटर जेट
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नई दिल्ली । भारतीय वायुसेना अपनी लड़ाकू क्षमता को मजबूत करने के लिए नए फाइटर जेट्स की तलाश में है। इसी बीच Russia ने भारत को अपने 5वीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर जेट का उन्नत संस्करण ऑफर किया है। बताया जा रहा है कि यह प्रस्ताव इतना आकर्षक है कि इसे ठुकराना भारत के लिए आसान नहीं होगा। भारत फिलहाल फ्रांस के साथ (114 Dassault Rafale) लड़ाकू विमानों की संभावित डील पर काम कर रहा है, लेकिन रणनीतिक स्तर पर सबसे बड़ी चिंता 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट की कमी को लेकर बनी हुई है।

चीन और पाकिस्तान की बढ़ती सैन्य ताकत चिंता का कारण

एशिया में बढ़ती सैन्य प्रतिस्पर्धा के बीच China पहले से ही अपने आधुनिक 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों जैसे Chengdu J-20 और (Shenyang J-35 ) का इस्तेमाल कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन भविष्य में इन विमानों को Pakistan के साथ साझा करने की दिशा में भी कदम बढ़ा सकता है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन पर असर पड़ सकता है।

रूस ने दिया SU-57 का अपडेटेड संस्करण

इस बीच रूस ने भारत को अपने स्टेल्थ फाइटर Sukhoi Su-57 का अपडेटेड वर्जन SU-57M1E ऑफर किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों देशों के अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया। इस डील की खास बात यह है कि रूस ने इसमें फुल टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और सोर्स कोड तक पहुंच देने का प्रस्ताव भी शामिल किया है, जैसा सहयोग पहले BrahMos missile और (Astra missile) कार्यक्रमों में देखने को मिला था।

भारत में ही हो सकता है जेट का निर्माण

रूस की योजना है कि भारत और रूस मिलकर फिफ्थ जेनरेशन फाइटर एयरक्राफ्ट (FGFA) परियोजना को फिर से शुरू करें। रूसी कंपनी United Aircraft Corporation के प्रस्ताव के अनुसार इस जेट के कई महत्वपूर्ण हिस्सों का निर्माण भारत में ही किया जा सकता है। इसमें अगली पीढ़ी के इंजन, उन्नत रडार सिस्टम और आधुनिक ऑप्टिकल सेंसर जैसी तकनीक शामिल है। सोर्स कोड की उपलब्धता से भारतीय हथियार प्रणालियों को इसमें एकीकृत करना भी संभव हो सकेगा।

भारत पहले भी इस परियोजना से हट चुका है

गौरतलब है कि भारत ने 2018 में बढ़ती लागत, भारतीय इंजीनियरों को सीमित भूमिका मिलने और जेट की स्टेल्थ क्षमता तथा इंजन प्रदर्शन पर संदेह के कारण इस परियोजना से खुद को अलग कर लिया था। इसके बाद से Indian Air Force ने अपने स्वदेशी 5वीं पीढ़ी के विमान Advanced Medium Combat Aircraft (AMCA) परियोजना को प्राथमिकता दी है।हालांकि AMCA के प्रोटोटाइप की पहली उड़ान 2029 के आसपास प्रस्तावित है और बड़े पैमाने पर उत्पादन 2030 के दशक के मध्य तक शुरू होने की उम्मीद है।

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अंतरिम समाधान के रूप में पेश किया गया SU-57

रूस का मानना है कि AMCA के पूरी तरह तैयार होने से पहले SU-57 भारत की स्टेल्थ क्षमता की कमी को पूरा करने के लिए एक रणनीतिक “ब्रिज” साबित हो सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस डबल सीट वाले प्रोटोटाइप का एयरफ्रेम रूस के Komsomolsk-on-Amur स्थित विमान संयंत्र में पहले से असेंबल किया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि भारतीय वायुसेना अपनी क्षमता को बनाए रखने के लिए कम से कम दो स्क्वाड्रन (करीब 40) फाइटर जेट खरीदने पर विचार कर सकती है, हालांकि उसकी दीर्घकालिक प्राथमिकता अभी भी AMCA परियोजना ही बनी हुई है।

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Anuj Kumar

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