Haryana News : इंग्लैंड से आया बेटा, मां की हत्या की साजिश

Read Time:  1 min
इंग्लैंड
इंग्लैंड
FONT SIZE
GET APP

हरियाणा में एक भयावह घटना सामने आई है। पुलिस ने खुलासा किया कि इंग्लैंड से आया बेटा अपनी मां को मारने की योजना लेकर लौटा था।

मौत की ‘स्क्रिप्ट’ तैयार

छह दिन तक अंडरग्राउंड रहने के बाद अंजाम- पुलिस के अनुसार आरोपी ने मौत की स्क्रिप्ट लिखी और 6 दिन तक अंडरग्राउंड रहकर अपनी योजना को अंजाम देने की तैयारी की।

यमुनानगर में रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक घटना में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. सरपंच की पत्नी बलजिंदर कौर की हत्या उनके अपने बेटे गोमित (Gomit) ने की थी. प्रेम संबंध के विरोध से नाराज बेटा इंग्लैंड से चुपचाप लौटकर 6 दिन बाड़े में छिपा रहा और फिर दोस्त के साथ मिलकर मां की हत्या कर शव टंकी में फेंक दिया. तकनीकी सबूतों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है।

हरियाणा के यमुनानगर (Yamunanagar) से एक ऐसी खबर आई है जिसने रिश्तों की पवित्रता और मां की ममता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यह कहानी किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं है, लेकिन इसका अंत बेहद दुखद और रूह कंपा देने वाला है. एक बेटा, जिसे उसकी मां ने सुनहरे भविष्य के लिए सात समंदर पार इंग्लैंड भेजा था, वही बेटा अपनी कोख का कातिल बन गया।

यह खौफनाक दास्तां शुरू होती है 24 दिसंबर की उस सर्द रात से, जब यमुनानगर के श्यामपुर गांव में सन्नाटा पसरा था. गांव के सरपंच की पत्नी, बलजिंदर कौर अपने घर में मृत पाई गईं. शुरुआत में इसे एक संदिग्ध मौत माना जा रहा था, लेकिन जिस तरह से उनका शव मिला, उसने पुलिस के मन में संदेह पैदा कर दिया. गांव के सरपंच की पत्नी की मौत का मामला था, इसलिए दबाव और संवेदनशीलता को देखते हुए जांच तुरंत क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई।

विदेश में पढ़ाई और नफरत का बीज

पुलिस ने जब जांच की परतें उधेड़नी शुरू कीं, तो बलजिंदर कौर के बेटे गोमित राठी का नाम सामने आया. गोमित के बारे में गांव में सबको यही पता था कि वह इंग्लैंड में स्टडी वीजा पर रहकर पढ़ाई कर रहा है और वहां एक स्टोर में नौकरी करता है. लेकिन पुलिस को शक तब हुआ जब उन्हें पता चला कि मां और बेटे के बीच रिश्तों में गहरी कड़वाहट थी.

दरअसल, गोमित का व्यवहार काफी समय से परिवार के लिए चिंता का विषय बना हुआ था. विवाद की असली जड़ गोमित का एक दूसरी जाति की महिला के साथ प्रेम संबंध था. बलजिंदर कौर इस रिश्ते के खिलाफ थीं और एक मां के नाते वह अपने बेटे को सही रास्ते पर लाना चाहती थीं. घर में होने वाले इन्हीं रोज-रोज के झगड़ों से तंग आकर परिवार ने उसे इंग्लैंड भेज दिया था, इस उम्मीद में कि दूर रहकर शायद वह सुधर जाएगा. लेकिन गोमित के मन में सुधार नहीं, बल्कि प्रतिशोध की आग जल रही थी।

6 दिन का ‘सीक्रेट’ वनवास और साजिश

जांच में जो सबसे चौंकाने वाला खुलासा हुआ, वह यह था कि गोमित राठी 18 दिसंबर को ही चुपचाप इंग्लैंड से भारत लौट आया था. उसने अपने आने की खबर न तो अपने पिता को दी और न ही अपनी मां को. इस खौफनाक साजिश में उसका साथ दिया उसके करीबी दोस्त पंकज ने. गोमित 18 दिसंबर से लेकर 24 दिसंबर तक अपने ही गांव के एक पशुओं के बाड़े में छिपकर रहा।

अन्य पढ़े: PMO- प्रधानमंत्री कार्यालय अब सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स से संचालित होगा

सोचिए, एक बेटा जो हजारों मील दूर से आया था, वह अपने घर जाने के बजाय 6 दिनों तक गंदगी और जानवरों के बीच सिर्फ इसलिए छिपा रहा ताकि वह अपनी मां की हत्या का सही मौका तलाश सके. इस दौरान पंकज उसे खाना और हर जरूरी जानकारी मुहैया कराता रहा।

कत्ल की वो खौफनाक रात

24 दिसंबर की रात, जब मौका मिला तो गोमित बाड़े से निकला और अपने घर में दाखिल हुआ. वहां उसकी मां बलजिंदर कौर अकेली थीं. गोमित ने अपनी मां पर हमला कर दिया. उसने अपनी मां के साथ बेरहमी से मारपीट की और फिर अपने ही हाथों से उनका गला घोंट दिया. जिस मां ने उसे अपनी उंगली पकड़कर चलना सिखाया था, उसी मां की सांसें उसने हमेशा के लिए रोक दीं।

हत्या करने के बाद गोमित रुका नहीं. उसने इसे एक हादसा दिखाने की कोशिश की और अपनी मां के बेजान शरीर को घर में बनी पानी की टंकी में फेंक दिया. उसे लगा कि दुनिया इसे एक डूबने से हुई मौत समझेगी और वह बच निकलेगा।

टेक्निकल सबूतों ने खोला ‘खूनी’ राज

पुलिस अधिकारी राकेश कुमार और उनकी टीम के लिए यह केस एक चुनौती था. लेकिन आधुनिक पुलिसिंग और टेक्निकल सर्विलांस के आगे कातिल ज्यादा देर टिक नहीं पाया. स्पेशल जांच टीम (SIT) ने जब इलाके के मोबाइल टावर डंप उठाए और गोमित के मोबाइल की लोकेशन ट्रैक की, तो पता चला कि उसका फोन इंग्लैंड में नहीं, बल्कि यमुनानगर में ही एक्टिव था. कॉल डिटेल्स (CDR) से पंकज और गोमित के बीच हुई लगातार बातचीत का भी खुलासा हो गया।

पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ की, तो गोमित टूट गया और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया. उसने बताया कि कैसे मां के विरोध ने उसे इतना अंधा कर दिया था कि उसे अपनी मां की जान लेना ही एकमात्र रास्ता लगा।

रिमांड पर आरोपी बेटा गोमित और उसका दोस्त

पुलिस ने गोमित राठी और उसके मददगार दोस्त पंकज को गिरफ्तार कर लिया है. कोर्ट ने दोनों को चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. रिमांड के दौरान पुलिस उस हथियार और अन्य साक्ष्यों को बरामद करने की कोशिश कर रही है जो इस कत्ल में इस्तेमाल किए गए थे. फिलहाल, पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि अदालत में पुख्ता सबूत पेश किए जा सकें और इस कलयुगी बेटे को उसके किए की कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।

अन्य पढ़े:

Surekha Bhosle

लेखक परिचय

Surekha Bhosle

सूचना : इस वेबसाइट पर प्रकाशित खबरें केवल पाठकों की जानकारी के उद्देश्य से दी जाती हैं। हम अपनी ओर से यथासंभव सही और सटीक जानकारी प्रदान करने का प्रयास करते हैं।