TTD scam : तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) में एक और बड़ा घोटाला सामने आया है। 2015 से 2025 के बीच खरीदे गए रेशमी दुपट्टों में भारी अनियमितताएँ मिली हैं। सतर्कता विभाग की जांच में पता चला कि असली सिल्क के नाम पर हजारों पॉलिएस्टर दुपट्टे सप्लाई किए गए। इस धोखाधड़ी से TTD को लगभग ₹54 करोड़ का नुकसान हुआ।
लड्डू मिलावट विवाद और पराकमानी केस के बाद यह तीसरा बड़ा घोटाला है। उच्च गुणवत्ता वाले पवित्र ‘पट्टु वस्त्रों’ के नाम पर फर्जी बिल बनाए गए, लेकिन वास्तव में सप्लाई किया गया माल सस्ता पॉलिएस्टर–सिल्क मिश्रण था, ऐसा जांच में पाया गया।
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घोटाले पर प्रतिक्रिया देते हुए TTD चेयरमैन बी.आर. नायडू ने कहा, (TTD scam) “खरीद विभाग में गंभीर गड़बड़ियाँ सामने आई हैं। इसे देखते हुए जांच को एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) को सौंप दिया गया है।”
TTD इससे पहले भी दो बड़े विवादों से घिर चुका है। 2024 में लड्डू प्रसाद में मिलावट के आरोपों के बाद CBI की निगरानी में SIT का गठन हुआ था, ताकि घी की गुणवत्ता और सप्लाई चेन की जांच की जा सके।
2023 के पराकमानी केस में भी एक मंदिर-संबंधित मठ के क्लर्क C.V. रवि कुमार को “श्रीवारी हुंडी” में भक्तों द्वारा डाले गए दान को चोरी करते हुए पकड़ा गया था।
ताज़ा पॉलिएस्टर दुपट्टा घोटाले ने फिर से TTD की खरीद प्रक्रिया और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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