नई दिल्ली। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान 19 जनवरी (सोमवार) को भारत की आधिकारिक यात्रा पर पहुंचेंगे। यह दौरा भारत और यूएई के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। राष्ट्रपति नाहयान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर भारत आ रहे हैं।
क्षेत्रीय तनाव के बीच हो रहा है दौरा
यूएई राष्ट्रपति का यह भारत दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब मध्य पूर्व में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। ईरान और अमेरिका (Iran and america) के बीच बढ़ती तनातनी, यमन को लेकर सऊदी अरब और यूएई के बीच तनाव तथा गाजा में जारी राजनीतिक अस्थिरता क्षेत्रीय समीकरणों को प्रभावित कर रही है। इन परिस्थितियों में यह यात्रा कूटनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी से होगी अहम बातचीत
सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रपति नाहयान और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा उद्योग सहयोग और ऊर्जा से जुड़ी पहलों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के उपायों पर भी मंथन किया जाएगा।
भारत यात्रा का खास रिकॉर्ड
यह राष्ट्रपति नाहयान का यूएई के शीर्ष पद संभालने के बाद भारत का तीसरा आधिकारिक दौरा होगा, जबकि पिछले 10 वर्षों में यह उनका पांचवां भारत दौरा है। इससे दोनों देशों के मजबूत और भरोसेमंद रिश्तों की झलक मिलती है।
आर्थिक साझेदारी से बढ़ी मजबूती
भारत और यूएई के बीच वर्ष 2022 में हुए व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के बाद द्विपक्षीय व्यापार और जनसंपर्क में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दोनों देशों के कारोबारी संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं।
नई संभावनाओं की तलाश
विदेश मंत्रालय के अनुसार यह दौरा भारत और यूएई के बीच सहयोग की नई संभावनाओं को तलाशने का अवसर प्रदान करेगा। दोनों देश आने वाले वर्षों में रणनीतिक, आर्थिक और वैश्विक मंचों पर सहयोग को और विस्तार देने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति कौन हैं?
यूएई के राष्ट्रपति हिज हाइनेस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और नाइजीरिया के संघीय गणराज्य के राष्ट्रपति हिज एक्सेलेंसी बोला अहमद टिनुबु ने आज अबू धाबी में यूएई और नाइजीरिया के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) के हस्ताक्षर समारोह में भाग लिया।
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