बलरामपुर, उत्तर प्रदेश में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां देहात कोतवाली थाना क्षेत्र के बहादुरपुर पुलिस चौकी से मात्र 20 मीटर की दूरी पर 22 वर्षीय मूकबधिर (गूंगी) युवती के साथ दुष्कर्म (Rape) हुआ। यह वारदात सोमवार रात करीब 8 बजे हुई, जो जिला मुख्यालय के शीर्ष अधिकारियों—जिलाधिकारी (डीएम), पुलिस अधीक्षक (एसपी), और अतिरिक्त जिलाधिकारी (एडीएम)—के आवासों के बेहद करीब हुई। इस घटना ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठा दिए हैं।
घटना का विवरण
पीड़िता अपनी ननिहाल से अपने घर, जो डीएम आवास के पास है, लौट रही थी। परिजनों के अनुसार, रास्ते में एक युवक ने उसे जबरन अगवा कर पास के सुनसान खेत में ले जाकर दुष्कर्म किया। चूंकि युवती बोल नहीं सकती, वह मदद के लिए शोर नहीं मचा सकी, और आरोपी वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया। जब पीड़िता एक घंटे तक घर नहीं पहुंची, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की।
खोजबीन के दौरान वह खेत में संदिग्ध हालत में मिली। उसे तुरंत जिला महिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, पीड़िता की शारीरिक स्थिति स्थिर है, लेकिन वह गहरे सदमे में है।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
यह घटना पुलिस चौकी से मात्र 20-30 मीटर की दूरी पर हुई, जो सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर करती है। बहादुरपुर पुलिस चौकी के तीन से चार सीसीटीवी कैमरे बंद पाए गए, जबकि एसपी आवास के पास एक कैमरे में 14 सेकंड का फुटेज मिला, जिसमें पीड़िता भागती हुई दिख रही है।
कुछ खबरों में दावा किया गया है कि फुटेज में कुछ लड़के बाइक पर उसका पीछा करते दिखे। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि इतने संवेदनशील क्षेत्र में, जहां डीएम और एसपी जैसे अधिकारियों के आवास हैं, ऐसी वारदात होना पुलिस की नाकामी को दर्शाता है।
पुलिस की कार्रवाई
देहात कोतवाली प्रभारी बीएन सिंह ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें गठित की गई हैं, और जल्द ही उसे पकड़ने का दावा किया गया है।
सामुदायिक प्रतिक्रिया
इस घटना ने स्थानीय समुदाय में आक्रोश और भय का माहौल पैदा कर दिया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब पुलिस चौकी और शीर्ष अधिकारियों के आवास के इतने करीब महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, तो दूरदराज के इलाकों में सुरक्षा का क्या हाल होगा। यह घटना पुलिस और प्रशासन की जवाबदेही पर भी सवाल उठाती है।
यह मामला न केवल एक गंभीर अपराध को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि संवेदनशील क्षेत्रों में भी सुरक्षा व्यवस्था कितनी कमजोर हो सकती है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए।
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