सीरीज में 1-4 की हार के बाद वर्ल्ड कप की चुनौतियों पर मंथन
स्पोर्ट्स डेस्क: भारतीय महिला टीम के लिए दक्षिण अफ्रीका(South Africa) का यह टी-20 दौरा हार के साथ समाप्त हुआ। बेनोनी में खेले गए पांचवें और आखिरी मैच में मेजबान टीम ने भारत(India) को 23 रन से हराकर सीरीज 4-1 से अपने नाम कर ली। इस हार की मुख्य सूत्रधार दक्षिण अफ्रीका की कप्तान लॉरा वोल्वार्ट रहीं, जिन्होंने शानदार(Fabulous) नाबाद 92 रनों की पारी खेली। इस पूरी सीरीज में वोल्वार्ट ने 330 रन बनाए, जो किसी भी द्विपक्षीय टी-20 सीरीज में बनाया गया नया विश्व रिकॉर्ड है। उन्होंने इस दौरान न्यूजीलैंड की अमेलिया केर (276 रन) के कीर्तिमान को पीछे छोड़ दिया।
भारतीय गेंदबाजी का प्रदर्शन और लक्ष्य का पीछा करने में विफलता
लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। स्मृति मंधाना की अनुपस्थिति में ओपनिंग जोड़ी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी और 38 रन के स्कोर पर ही टीम के 3 विकेट गिर गए। हालांकि, भारती फुलमाली (40 रन) और ऋचा घोष (नाबाद 25 रन) ने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन वे टीम को जीत की दहलीज तक नहीं ले जा सकीं। गेंदबाजी में दीप्ति शर्मा और रेणुका सिंह ने 2-2 विकेट लेकर एक समय दक्षिण अफ्रीका को 155 रनों पर रोकने में सफलता पाई थी, लेकिन खराब बल्लेबाजी ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया।
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आगामी वर्ल्ड कप से पहले भारत के लिए ‘वेक-अप कॉल’
यह सीरीज भारतीय टीम के लिए आगामी टी-20 वर्ल्ड कप से पहले एक बड़े सबक की तरह है। पावरप्ले में विकेट न ले पाना और पूरी सीरीज के दौरान 12 कैच छोड़ना भारतीय टीम की फील्डिंग और गेंदबाजी की कमजोर कड़ी बनकर उभरा है। हालांकि, दीप्ति शर्मा की फॉर्म में वापसी और युवा अनुष्का शर्मा का आत्मविश्वास टीम के लिए कुछ सकारात्मक पहलू रहे हैं। अब भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ आगामी सीरीज में अपनी कमियों को दूर कर वर्ल्ड कप के लिए एक मजबूत तैयारी सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी।
लॉरा वोल्वार्ट ने सीरीज के दौरान कौन सा बड़ा विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया है?
लॉरा वोल्वार्ट ने एक बाइलेटरल (द्विपक्षीय) टी-20 सीरीज में सबसे ज्यादा 330 रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने न्यूजीलैंड की अमेलिया केर के 276 रनों के पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा है।
टी-20 वर्ल्ड कप से पहले भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी चिंताएं क्या हैं?
भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी चिंताएं पावरप्ले में विकेट लेने में हो रही विफलता और खराब फील्डिंग है। पूरी सीरीज के दौरान टीम ने 12 कैच छोड़े हैं, जो बड़े टूर्नामेंट से पहले सुधारने योग्य एक गंभीर समस्या है।
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