भारत की दमदार शुरुआत, सूर्यवंशी का जलवा
स्पोर्ट्स डेस्क: हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जा रहे खिताबी मुकाबले में भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का साहसिक फैसला लिया। भारतीय टीम(Indian Team) ने मैच की शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया है। 11 ओवर की समाप्ति तक भारत ने 1 विकेट के नुकसान पर 89 रन बना लिए हैं। क्रीज पर वैभव सूर्यवंशी अपनी लय में दिख रहे हैं और उन्होंने इस टूर्नामेंट की अपनी चौथी फिफ्टी जड़कर इंग्लैंड के गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया है।
शानदार साझेदारी: सूर्यवंशी और म्हात्रे की जुगलबंदी
सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और कप्तान आयुष म्हात्रे के बीच अर्धशतकीय साझेदारी पूरी हो चुकी है। सूर्यवंशी ने जहां तेजी से रन बटोरे हैं, वहीं म्हात्रे ने दूसरे छोर को बखूबी संभाला है। सूर्यवंशी की इस पारी ने भारतीय पारी को वह ठोस आधार दे दिया है, जिसकी जरूरत फाइनल जैसे बड़े मैच में होती है। दोनों के बीच की यह पार्टनरशिप(Partnership) भारत को एक बड़े स्कोर की ओर ले जा रही है, जो इंग्लैंड के लिए चुनौती बन सकता है।
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इतिहास रचने के करीब भारत: 10वीं बार फाइनल का सफर
भारतीय टीम रिकॉर्ड 10वीं बार अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंची है। 5 बार की चैंपियन भारत का मुकाबला उस इंग्लैंड टीम से है, जिसने 1998 में अपना एकमात्र खिताब जीता था। दिलचस्प बात यह है कि 2022 के फाइनल में भी भारत ने इंग्लैंड को ही हराकर ट्रॉफी अपने नाम की थी। ऐसे में भारतीय टीम अपनी बादशाहत बरकरार रखने के इरादे से उतरी है, जबकि इंग्लैंड की टीम 26 साल पुराने सूखे को खत्म करना चाहेगी।
वैभव सूर्यवंशी ने इस वर्ल्ड कप में अब तक कुल कितनी फिफ्टी लगाई हैं?
वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल मैच में इस टूर्नामेंट की अपनी चौथी फिफ्टी पूरी की है।
भारत और इंग्लैंड के बीच अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल का इतिहास क्या रहा है?
भारत 10वीं बार फाइनल खेल रहा है। इससे पहले 2022 के फाइनल में भी भारत और इंग्लैंड का आमना-सामना हुआ था, जिसमें भारत ने इंग्लैंड को हराकर पांचवीं बार खिताब जीता था।
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