हैदराबाद। एयर मार्शल राहुल भसीन (Rahul Bhasin) ने 9 मार्च को दुंडीगल स्थित वायुसेना अकादमी के कमांडेंट का पदभार वायु मार्शल प्रवीण केशव वोहरा से ग्रहण किया। वायु मार्शल भसीन जून 1990 में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान शाखा में नियुक्त हुए थे। वे खडकवासला स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, वेलिंगटन स्थित रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज, सिकंदराबाद स्थित रक्षा प्रबंधन महाविद्यालय तथा लंदन स्थित रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज के पूर्व छात्र हैं। वायु अधिकारी को संचालनात्मक उड़ानों, कमान तथा स्टाफ से संबंधित दायित्वों का व्यापक अनुभव है। उन्हें विभिन्न लड़ाकू विमानों (fighter planes) पर उड़ान का 3500 से अधिक घंटों का अनुभव प्राप्त है। वे योग्य उड़ान प्रशिक्षक तथा यंत्र आधारित उड़ान प्रशिक्षण के प्रशिक्षक और परीक्षक भी हैं।
अनेक महत्वपूर्ण पदों पर किया कार्य
अपने सेवा काल में उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है, जिनमें अग्रिम पंक्ति के एक लड़ाकू स्क्वाड्रन के कमांडिंग अधिकारी, मुख्य संचालन अधिकारी, एक लड़ाकू वायुसेना अड्डे के वायु अधिकारी कमांडिंग, कमान तथा वायु मुख्यालय में संचालन स्टाफ तथा सहायक वायुसेना प्रमुख (अंतरिक्ष संचालन) जैसे पद शामिल हैं। वायुसेना अकादमी के कमांडेंट का पदभार ग्रहण करने से पहले वे महानिदेशक (शस्त्र प्रणाली) के रूप में कार्यरत थे। उनकी विशिष्ट सेवाओं के सम्मान में भारत के राष्ट्रपति द्वारा वर्ष 2011 में उन्हें वायु सेना पदक से सम्मानित किया गया था।
भारत के एयर मार्शल कौन हैं?
भारतीय वायुसेना में एयर मार्शल एक वरिष्ठ सैन्य पद होता है, जो तीन-सितारा रैंक माना जाता है। इस पद पर कई अधिकारी एक साथ कार्य करते हैं। वर्तमान समय में Amar Preet Singh वायुसेना प्रमुख हैं, जबकि एयर मार्शल स्तर के अधिकारी वायुसेना के विभिन्न कमांड, प्रशिक्षण संस्थानों और रणनीतिक विभागों का नेतृत्व करते हैं। ये अधिकारी वायुसेना की संचालन क्षमता, युद्ध तैयारी और प्रशासनिक निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
एयर मार्शल की सैलरी कितनी होती है?
भारतीय वायुसेना में एयर मार्शल रैंक के अधिकारी को 7वें वेतन आयोग के अनुसार लगभग 1,82,200 रुपये से लेकर करीब 2,24,100 रुपये प्रति माह तक मूल वेतन मिलता है। इसके अलावा कई प्रकार के भत्ते भी दिए जाते हैं, जैसे महंगाई भत्ता, आवास सुविधा, सरकारी वाहन, चिकित्सा सुविधा और अन्य सैन्य लाभ। उच्च पद होने के कारण उन्हें सुरक्षा, सम्मान और कई अतिरिक्त सुविधाएँ भी प्रदान की जाती हैं।
एयर मार्शल का क्या काम होता है?
भारतीय वायुसेना में एयर मार्शल का मुख्य काम वायुसेना की रणनीति बनाना, सैन्य अभियानों की निगरानी करना और विभिन्न कमांड का नेतृत्व करना होता है। वे युद्ध तैयारी, प्रशिक्षण, सुरक्षा योजनाओं और संसाधनों के प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लेते हैं। इसके अलावा वे सरकार और रक्षा मंत्रालय के साथ समन्वय बनाकर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े वायुसेना के कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करते हैं।
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