हैदराबाद । डॉ. बी.आर. अंबेडकर (Dr. B.R. Ambedkar) की 135वीं जयंती के अवसर पर टैंकबंड, हैदराबाद में आयोजित कार्यक्रम में सीएम रेवंत रेड्डी ने केन्द्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार (Central Government) दक्षिणी राज्यों की सीटें घटाने की साजिश कर रही है। इस अवसर पर उन्होंने केंद्र सरकार से दक्षिणी राज्यों की संसदीय सीटों में प्र-राटा सिद्धांत (अनुपात के अनुसार) के आधार पर वृद्धि की मांग को लेकर लंबा संघर्ष करने का आह्वान किया।
दक्षिणी राज्यों के साथ गंभीर अन्याय होगा
सीएम ने कहा कि परिसीमन के दौरान यदि 50 प्रतिशत वृद्धि के आधार पर सीटों का निर्धारण किया गया तो दक्षिणी राज्यों के साथ गंभीर अन्याय होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इस व्यवस्था से महिलाओं, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्गों का प्रतिनिधित्व विधानसभाओं में प्रभावित हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा परिसीमन प्रक्रिया के माध्यम से दक्षिणी राज्यों की सीटें घटाने की साजिश कर रही है। मुख्यमंत्री ने सभी वर्गों से एकजुट होकर दक्षिणी राज्यों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने बीआरएस शासन पर भी तीखा प्रहार करते हुए कहा कि पिछले दस वर्षों में उनके नेताओं ने डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि तक अर्पित नहीं की।
पूर्व सीएम केसीआर पर स्पीकर का अपमान करने का आरोप लगाया
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव पर विधानसभा सत्रों में अनुपस्थित रहने और स्पीकर का अपमान करने का भी आरोप लगाया। रेवंत रेड्डी ने कहा कि वर्तमान जनहित सरकार ने दलित सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने प्रश्न किया कि क्या दलित समाज के लोग वित्त मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नहीं रह सकते। उन्होंने कहा कि पहले जिन लोगों ने दलितों का अपमान किया, आज वही विधानसभा में बोलने के लिए दलित प्रतिनिधि से माइक मांगने को मजबूर हैं। मुख्यमंत्री ने बीआरएस की नीतियों को असफल बताते हुए जनता से अपील की कि उसे उसके ”धोखेबाज राजनीति” के कारण राजनीतिक रूप से समाप्त किया जाए।
क्रांतिकारी गायक गदर और कवि अंदे श्री का भी स्मरण
इस अवसर पर उन्होंने क्रांतिकारी गायक गदर और कवि अंदे श्री को भी स्मरण किया तथा कहा कि तेलंगाना आंदोलन में कमजोर वर्गों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी और डॉ. अंबेडकर के योगदान को याद करते हुए कहा कि गांधी ने बिना हिंसा के संघर्ष का मार्ग दिखाया, जबकि अंबेडकर ने देश को विकास और लोकतंत्र की दिशा दी। उन्होंने कहा कि गांधी और अंबेडकर राष्ट्र की दो आंखों के समान हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अंबेडकर का मानना था कि शिक्षा ही जीवन परिवर्तन का सबसे बड़ा साधन है और उनकी विचारधारा लोकतांत्रिक शासन की आधारशिला है। उन्होंने सोनिया गांधी द्वारा अनुच्छेद-3 के माध्यम से तेलंगाना राज्य के गठन में भूमिका का भी उल्लेख किया।
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