हैदराबाद । पूर्व मंत्री और बीआरएस (BRS) विधायक दल के उपनेता हरीश राव ने नायनी कोयला ब्लॉक के टेंडरों में कथित घोटाले की व्यापक सीबीआई जांच की मांग की। सोमवार को तेलंगाना भवन (Telangana Bhavan) में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सिंगरेणी कोलियरीज द्वारा जारी टेंडरों में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं और मुख्यमंत्री व अन्य वरिष्ठ मंत्रियों पर भ्रष्टाचार तथा हिस्सेदारी को लेकर आंतरिक विवादों में शामिल होने का आरोप लगाया।
मामले की सीबीआई जांच जरूरी
हरीश राव ने कहा कि रेवंत रेड्डी सरकार ठेकों, प्रक्रियाओं में हेरफेर और राजनीतिक हस्तक्षेप के गहरे जाल में लिप्त है और इन तथ्यों को उजागर करने के लिए पूर्ण सीबीआई जांच जरूरी है। हरीश राव ने उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमर्का के उस बयान पर सवाल उठाया जिसमें कहा गया था कि साइट विजिट प्रमाणपत्र न होने के कारण नायनी ब्लॉक के टेंडर रद्द किए गए। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई प्रणाली पहले कभी अस्तित्व में नहीं थी।
विजिट प्रणाली के जरिए ठेकेदारों को डराया-धमकाया
उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रणाली केवल 2024 में रेवंत रेड्डी सरकार के सत्ता में आने के बाद लागू की गई और इसका पहला लाभ मुख्यमंत्री के करीबी रिश्तेदार सुजान रेड्डी को मिला, जिनकी कंपनी शोदा कंस्ट्रक्शंस को पहला टेंडर मिला। उन्होंने पूछा कि यदि प्रणाली अवैध थी तो केवल नायनी ब्लॉक के टेंडर ही क्यों रद्द किए गए और अन्य टेंडरों का क्या हुआ। हरीश राव ने आरोप लगाया कि साइट विजिट प्रणाली के जरिए ठेकेदारों को डराया-धमकाया जाता है, उन्हें बाहर किया जाता है और बाद में वफादार ठेकेदारों को ऊंची दरों पर ठेके देकर कमीशन वसूला जाता है।उन्होंने केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी से सीबीआई जांच का आदेश देने की मांग की और कहा कि बीआरएस इस कथित कांग्रेस कोयला घोटाले के खिलाफ कानूनी और राजनीतिक लड़ाई लड़ेगी।
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