हैदराबाद। दक्षिण मध्य रेलवे महिला कल्याण संगठन द्वारा अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस 2026 (International Workers’ Day 2026) के अवसर पर लगभग 100 रेलवे कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट और समर्पित कार्य के लिए सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम सिकंदराबाद स्थित रेल निलयम सभागार में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में संगठन की अध्यक्ष वंदना श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष अमिता प्रकाश (Vice Chairperson Amita Prakash), सचिव अपर्णा मुरली, कोषाध्यक्ष वैशाली खाडे, संयुक्त सचिव रियु शर्मा तथा अन्य सदस्य और कर्मचारी उपस्थित रहे।
कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र और उपहार देकर किया गया सम्मानित
इस अवसर पर कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र और उपहार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वंदना श्रीवास्तव ने कहा कि कर्मचारी भारतीय रेलवे की मजबूती का आधार हैं और उनके निरंतर प्रयासों से ही रेलवे का सुचारू संचालन संभव हो पाता है। उन्होंने कहा कि मजदूर दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि कार्यस्थल पर प्रत्येक व्यक्ति के अधिकार और सम्मान की याद दिलाने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मेहनत, समर्पण और सेवा भावना समाज को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और यह एकता, जिम्मेदारी और उत्कृष्टता जैसे मूल्यों को मजबूत करती है।

दक्षिण मध्य रेलवे कौन सा है?
यह भारतीय रेलवे का एक प्रमुख ज़ोन है, जिसे South Central Railway (SCR) कहा जाता है। इसकी स्थापना 2 अक्टूबर 1966 को हुई थी। यह मुख्य रूप से तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों, कर्नाटक और मध्य प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में रेल सेवाओं का संचालन करता है। यात्रियों की सुविधा, माल परिवहन और रेलवे सुरक्षा के क्षेत्र में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
दक्षिण मध्य Railway का मुख्यालय कहाँ है?
इस ज़ोन का मुख्यालय Secunderabad में स्थित है। दक्षिण मध्य रेलवे का प्रशासनिक संचालन यहीं से किया जाता है। सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन और रेल निलयम इसके प्रमुख प्रशासनिक केंद्र हैं। यह ज़ोन दक्षिण भारत के महत्वपूर्ण रेल मार्गों को जोड़ता है और यात्री तथा मालगाड़ी संचालन में अहम भूमिका निभाता है।
रेलवे की 1 महीने की सैलरी कितनी होती है?
रेलवे कर्मचारियों की मासिक सैलरी पद, विभाग और अनुभव के अनुसार अलग-अलग होती है। ग्रुप D कर्मचारियों की शुरुआती सैलरी लगभग ₹18,000 से ₹25,000 तक हो सकती है। क्लर्क, तकनीशियन और स्टेशन मास्टर जैसे पदों पर यह ₹25,000 से ₹50,000 या अधिक हो सकती है। अधिकारी स्तर के पदों पर वेतन इससे काफी अधिक होता है, साथ में भत्ते भी दिए जाते हैं।
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