Shooting Competition : हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने आईएसएसएफ विश्व कप-2026 निशानेबाजी प्रतियोगिता (Shooting Competition) में शानदार प्रदर्शन करने वाली हैदराबाद की निशानेबाज ईशा सिंह को बधाई दी है। गुरुवार को जारी बयान में मुख्यमंत्री ने कहा कि म्यूनिख में चल रहे आईएसएसएफ विश्व कप में महिला 25 मीटर पिस्टल फाइनल में 43 हिट का विश्व रिकॉर्ड बनाकर ईशा सिंह ने भारतीय निशानेबाजी के इतिहास में यादगार उपलब्धि दर्ज की है। रेवंत रेड्डी ने कहा कि हैदराबाद की ईशा सिंह अपनी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प से लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। उन्होंने कहा कि उनका शानदार प्रदर्शन भारतीय खिलाड़ियों के लिए उत्साहवर्धक है और यह देश में खेलों के उज्ज्वल भविष्य का संकेत देता है। मुख्यमंत्री (CM) ने उम्मीद जताई कि ईशा सिंह आगे भी इसी तरह सफलता हासिल कर देश का नाम रोशन करती रहेंगी।
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निशानेबाजी कितने प्रकार की होती है?
खेल प्रतियोगिताओं में यह खेल मुख्य रूप से राइफल, पिस्टल और शॉटगन श्रेणियों में विभाजित किया जाता है। राइफल इवेंट में निश्चित दूरी से लक्ष्य पर निशाना लगाया जाता है, जबकि पिस्टल प्रतियोगिताओं में छोटे हथियारों का उपयोग होता है। शॉटगन स्पर्धाओं में चलती हुई डिस्क या लक्ष्य को निशाना बनाया जाता है। इसके अलावा एयर राइफल, एयर पिस्टल, ट्रैप और स्कीट जैसी अलग-अलग प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाती हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नियमों का निर्धारण International Shooting Sport Federation द्वारा किया जाता है।
क्या भारत में शूटिंग एक महंगा खेल है?
उच्च गुणवत्ता वाले हथियार, गोला-बारूद और प्रशिक्षण सुविधाओं के कारण यह खेल महंगा माना जाता है। खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए विशेष रेंज, कोचिंग और सुरक्षा उपकरणों की आवश्यकता पड़ती है, जिन पर काफी खर्च आता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के हथियार और उपकरण लाखों रुपये तक के हो सकते हैं। हालांकि कई सरकारी योजनाएं, खेल अकादमियां और प्रायोजक प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता भी प्रदान करते हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सफलता मिलने पर खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति और पुरस्कार राशि का लाभ मिलता है।
निशानेबाजी के खिलाड़ी कौन थे?
भारत में कई खिलाड़ियों ने इस खेल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है। Abhinav Bindra पहले भारतीय खिलाड़ी थे जिन्होंने ओलंपिक में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीता। इसके अलावा Gagan Narang, Manu Bhaker, Jaspal Rana और Saurabh Chaudhary जैसे खिलाड़ियों ने भी कई अंतरराष्ट्रीय पदक हासिल किए हैं। इन खिलाड़ियों की उपलब्धियों ने भारत में इस खेल की लोकप्रियता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
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