Construction of Intercity Trains : काजीपेट में जल्द शुरू होगा इंटरसिटी ट्रेनों का निर्माण

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इंटरसिटी ट्रेनों का निर्माण
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Construction of Intercity Trains : नई दिल्ली। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि भारतीय रेल की काजीपेट रेल विनिर्माण इकाई लगभग पूरी होने की स्थिति में है और यहां जल्द ही इंटरसिटी ट्रेनों का निर्माण (Construction of Intercity Trains) शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह एक बहुउद्देशीय रेलवे रोलिंग स्टॉक विनिर्माण इकाई होगी। रेल मंत्री ने केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर काजीपेट रेल विनिर्माण इकाई को चालू करने की तैयारियों की समीक्षा की।

उन्होंने बताया कि शुरुआती चरण में अगले पांच वर्षों में 200 इंटरसिटी रेलगाड़ियों का निर्माण (Construction of Intercity Trains) किया जाएगा। इन ट्रेनों को देशभर में कम दूरी की यात्रा के लिए संचालित किया जाएगा। ये रेलगाड़ियां लगभग 300 किलोमीटर तक की दूरी तय करेंगी तथा इनके कई ठहराव होंगे, ताकि छोटे शहरों और कस्बों के बीच आवागमन आसान हो सके। रेल मंत्री ने कहा कि ये ट्रेनें विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए यात्रा करने वाले आम नागरिकों को बेहतर और किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध कराएंगी। उन्होंने कहा कि यह इंटरसिटी रेल सेवा शटल सेवा (shuttle service) की तरह कार्य करेगी और आसपास के शहरों को आपस में जोड़ेगी।

स्थानीय यातायात का बड़ा हिस्सा रेलवे की ओर स्थानांतरित होने की संभावना

उन्होंने बताया कि इन ट्रेनों के शुरू होने से सड़कों पर स्थानीय यातायात का बड़ा हिस्सा रेलवे की ओर स्थानांतरित होने की संभावना है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि नई इंटरसिटी रेलगाड़ियां आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी। इनमें ऑटोमैटिक डोर क्लोजिंग सिस्टम, बेहतर वेंटिलेशन और 20 डिब्बों वाली सुरक्षित कोच संरचना होगी। प्रत्येक कोच में दो शौचालय उपलब्ध कराए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि ट्रेनों में आधुनिक कपलर और उन्नत बोगियां लगाई जाएंगी तथा इन्हें 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने के लिए डिजाइन किया जा रहा है। रेल मंत्री ने कहा कि इन ट्रेनों में रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम भी होगा, जिसके तहत ब्रेक लगाने के दौरान उत्पन्न ऊर्जा को वापस ग्रिड में भेजा जाएगा। इससे ऊर्जा की बचत होगी और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में ऐसी ट्रेनों के संचालन से देश में स्वच्छ, आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

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इंटरसिटी एक साधारण ट्रेन है?

दो शहरों के बीच कम दूरी की तेज यात्रा सुविधा देने के उद्देश्य से इस श्रेणी की ट्रेनों को चलाया जाता है। इनमें सामान्य, स्लीपर और कई बार आरक्षित सीटिंग कोच भी उपलब्ध होते हैं। यह पूरी तरह साधारण ट्रेन नहीं मानी जाती, क्योंकि इसमें सीमित स्टॉप और अपेक्षाकृत तेज गति की सुविधा दी जाती है। यात्रियों को दैनिक यात्रा और कम समय में गंतव्य तक पहुंचाने के लिए यह सेवा लोकप्रिय मानी जाती है। कई इंटरसिटी ट्रेनों में आधुनिक कोच और बेहतर सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं।

भारत में रेलवे का विकास कैसे हुआ?

देश में रेल सेवा की शुरुआत वर्ष 1853 में हुई थी, जब पहली ट्रेन Mumbai से Thane के बीच चलाई गई। इसके बाद ब्रिटिश शासन के दौरान व्यापार और यातायात के लिए रेलवे नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ। स्वतंत्रता के बाद रेल मार्गों का विद्युतीकरण, नई ट्रेनों की शुरुआत और आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाया गया। आज भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्कों में शामिल है और यात्री तथा माल परिवहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

ट्रेन की रानी कौन है?

भारतीय रेलवे में Rajdhani Express को अक्सर ट्रेनों की रानी कहा जाता है। यह ट्रेन राजधानी शहर New Delhi को देश के प्रमुख महानगरों से जोड़ती है। तेज गति, बेहतर सुविधाएं और उच्च स्तर की सेवा के कारण इसे विशेष पहचान मिली है। इसमें वातानुकूलित कोच, भोजन सुविधा और कम यात्रा समय जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहती हैं। लंबे समय से यह भारतीय रेलवे की प्रतिष्ठित और लोकप्रिय ट्रेनों में गिनी जाती है।

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Ajay Kumar Shukla

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Ajay Kumar Shukla

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