Sridhar Babu : हैदराबाद। तेलंगाना के सूचना प्रौद्योगिकी एवं उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू (Sridhar Babu) ने बेमौसम बारिश को लेकर विपक्षी दलों पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। गुरुवार को जारी बयान में श्रीधर बाबू (Sridhar Babu) ने कहा कि पिछले 12 वर्षों से केंद्र की सत्ता में रहने के बावजूद किसानों की आय दोगुनी करने में विफल रही भाजपा (BJP) अब तेलंगाना में “किसान परेशानी-भाजपा भरोसा” यात्रा निकाल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने उर्वरकों की कीमतें बढ़ाईं और ऐसे “काले कानून” लागू किए, जिनसे किसानों को भारी नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि यह वास्तव में “किसानों की परेशानी” नहीं, बल्कि सत्ता हासिल करने के लिए भाजपा नेताओं का “राजनीतिक विलाप” है।
स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को पूरी तरह लागू क्यों नहीं किया गया
मंत्री ने भाजपा से सवाल किया कि वह पहले यह बताए कि स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को पूरी तरह लागू क्यों नहीं किया गया और किसानों के साथ अन्याय क्यों किया गया। श्रीधर बाबू ने भाजपा नेताओं से पूछा कि क्या वे उस इतिहास को भूल गए हैं, जब तेलंगाना में पैदा होने वाले धान की खरीद की मांग पर केंद्रीय मंत्रियों ने किसानों का अपमान करते हुए कहा था कि उन्हें “टूटा चावल खाने की आदत डाल लेनी चाहिए।” उन्होंने कहा कि अब भाजपा का किसानों के लिए आंसू बहाना केवल मगरमच्छी संवेदना है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा को सचमुच किसानों की चिंता है तो उसे तेलंगाना में राजनीतिक यात्राएं निकालने के बजाय दिल्ली जाकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाना चाहिए और राज्य के किसानों को मिलने वाले अधिकार एवं धनराशि दिलानी चाहिए।
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सरकार के खिलाफ झूठा प्रचार
मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय बीआरएस को जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाते हुए किसानों के साथ खड़ा होना चाहिए था, लेकिन राजनीतिक अस्तित्व बचाने के लिए वह सरकार के खिलाफ झूठा प्रचार कर रही है, जो शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि जब सरकार रिकॉर्ड स्तर पर पारदर्शी तरीके से खरीद प्रक्रिया चला रही है, तब जनता को गुमराह करने के लिए बीआरएस द्वारा “पॉली-ट्रिक्स” करना उचित नहीं है। श्रीधर बाबू ने स्पष्ट किया कि विपक्षी दल चाहे जितनी बाधाएं और साजिशें खड़ी करें, सरकार अंतिम दाने तक किसानों से खरीद जारी रखेगी। उन्होंने किसानों से भाजपा और बीआरएस नेताओं के कथित भ्रामक प्रचार से गुमराह न होने की अपील की।
तेलंगाना में हिंदुओं की आबादी कितनी है?
जनगणना के आंकड़ों के अनुसार राज्य में हिंदू समुदाय सबसे बड़ी आबादी वाला धार्मिक समूह माना जाता है। कुल जनसंख्या में हिंदुओं की हिस्सेदारी लगभग 85 प्रतिशत के आसपास बताई जाती है। इसके अलावा मुस्लिम, ईसाई, सिख, जैन और अन्य धर्मों के लोग भी यहां निवास करते हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में धार्मिक विविधता देखने को मिलती है। राजधानी Hyderabad में विभिन्न समुदायों के लोग मिलजुलकर रहते हैं, जिससे राज्य की सांस्कृतिक पहचान और मजबूत होती है।
तेलंगाना राज्य का मुख्य भोजन क्या है?
यहां के पारंपरिक व्यंजनों में मसालेदार और देसी स्वाद का विशेष महत्व माना जाता है। ज्वार और चावल से बने भोजन का उपयोग अधिक होता है। सरवा पिंडी, सकिनालु, हैदराबादी बिरयानी, पचड़ी और विभिन्न प्रकार की दालें राज्य के लोकप्रिय व्यंजनों में शामिल हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ज्वार की रोटी और तीखी सब्जियां आम तौर पर खाई जाती हैं। राजधानी Hyderabad की बिरयानी देश और विदेश में काफी प्रसिद्ध मानी जाती है और इसे राज्य की खास पहचान माना जाता है।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री किस जाति से हैं?
वर्तमान मुख्यमंत्री A. Revanth Reddy सामाजिक रूप से रेड्डी समुदाय से संबंध रखते हैं। यह समुदाय राज्य की राजनीति और कृषि क्षेत्र में प्रभावशाली माना जाता है। उन्होंने लंबे समय तक सक्रिय राजनीति में कार्य किया और बाद में राज्य के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। राजनीतिक जीवन में संगठनात्मक क्षमता और जनसंपर्क के कारण उनकी पहचान मजबूत हुई। राज्य में विभिन्न सामाजिक वर्गों और समुदायों के बीच संतुलन बनाए रखने को उनकी सरकार की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में गिना जाता है।
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