जनता के लिए टोल-फ्री नंबर जारी
हैदराबाद। हैदराबाद में खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के तहत हैदराबाद फूड एडल्टरेशन सर्विलांस टीम (H-FAST) का गठन किया गया है। यह टीम पुलिस आयुक्त वी.सी. सज्जनार के नेतृत्व में तथा फूड सेफ्टी अधिकारियों के समन्वय से कार्य करेगी। इस विशेष इकाई का उद्घाटन गायकवाड़ वैभव रघुनाथ, द्वारा किया गया। इसके साथ ही खाद्य मिलावट (Food Adulteration) के खिलाफ एक समर्पित और इंटेलिजेंस आधारित तंत्र की शुरुआत हुई है। एच-एफएएसटी टीम में कुल 28 सदस्य शामिल हैं, जिनमें इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर और अन्य स्टाफ शामिल हैं। यह टीम असुरक्षित खाद्य पदार्थों से संबंधित मामलों की निगरानी, जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी।
खाद्य मिलावट एक गंभीर अपराध
टीम फूड सेफ्टी अधिकारियों के साथ मिलकर छापेमारी भी करेगी। कार्यक्रम में इंस्पेक्टर एन. रंजीत कुमार गौड़, अंजैया तथा सब-इंस्पेक्टर रम्या, अभिलाष, अखिल और कृष्णा सहित पूरी टीम उपस्थित रही। जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एक टोल-फ्री नंबर 8712661212 जारी किया गया है, जिस पर लोग खाद्य मिलावट या असुरक्षित खाद्य से संबंधित शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा एच-एफएएसटी के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से भी जानकारी साझा की जा सकती है। अधिकारियों ने बताया कि खाद्य मिलावट एक गंभीर अपराध है, जो जनस्वास्थ्य के लिए खतरा है। इस पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों से सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी देने की अपील की गई है।
भोजन में मिलावट की पहचान कैसे करें?
घर पर कुछ आसान तरीकों से मिलावट पहचानी जा सकती है। दूध में पानी मिलावट जांचने के लिए बूंद को तिरछी सतह पर गिराएं—शुद्ध दूध धीरे बहता है। हल्दी में मिलावट देखने के लिए पानी में डालें, रंग जल्दी फैलने पर शक होता है। शहद को पानी में डालने पर शुद्ध शहद नीचे बैठ जाता है। मसालों में नकली रंग पहचानने के लिए हाथ पर रगड़कर देख सकते हैं।
5 स्वस्थ भोजन के नाम क्या हैं?
स्वस्थ रहने के लिए संतुलित और पौष्टिक भोजन जरूरी होता है। उदाहरण के तौर पर हरी सब्जियां, फल, दालें, दूध और साबुत अनाज बहुत फायदेमंद होते हैं। इसके अलावा सूखे मेवे जैसे बादाम और अखरोट भी शरीर को ताकत देते हैं। इन खाद्य पदार्थों में विटामिन, प्रोटीन और फाइबर भरपूर मात्रा में होते हैं, जो शरीर को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने में मदद करते हैं।
अनाज और दाल में क्या मिलावट किया जाता है?
अनाज और दालों में अक्सर छोटे पत्थर, मिट्टी, कंकड़ या खराब गुणवत्ता वाले दाने मिलाए जाते हैं। कुछ मामलों में चमक बढ़ाने के लिए पॉलिश या केमिकल का उपयोग भी किया जाता है। अरहर दाल में मेटानिल येलो जैसे कृत्रिम रंग की मिलावट भी देखी गई है। ये मिलावट स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती हैं, इसलिए उपयोग से पहले अच्छी तरह साफ और धोना जरूरी होता है।
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