Telangana : कुल निगमों को जल्द मिलेंगी निधियां और जिम्मेदारियां – पोन्नम प्रभाकर

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पोन्नम प्रभाकर
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हैदराबाद। राज्य के पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री पोन्नम प्रभाकर (Ponnam Prabhakar) ने कहा है कि तेलंगाना सरकार द्वारा गठित विभिन्न जातीय निगमों को जल्द ही निधियां आवंटित की जाएंगी तथा उनके कार्यों और जिम्मेदारियों को स्पष्ट करते हुए शासनादेश भी जारी किए जाएंगे। शुक्रवार को हैदराबाद स्थित कल्याण भवन में पेरिका जाति निगम के अध्यक्ष के रूप में डोंगरी वेंकटेश्वरलु तथा उपाध्यक्ष के रूप में बुडगम श्रीनिवास ने पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मंत्री पोन्नम प्रभाकर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार (Congress Govt.) ने इतिहास में पहली बार विभिन्न पिछड़ा वर्ग समुदायों के लिए अलग-अलग निगमों का गठन किया है। इन निगमों के माध्यम से संबंधित समुदायों के विकास और कल्याण के लिए विशेष योजनाएं लागू की जाएंगी।

अब जातीय निगमों के जरिए भी विशेष कार्यक्रम संचालित

मंत्री ने कहा कि पिछड़ा वर्ग निगम और कल्याण विभाग के माध्यम से पहले से चल रही योजनाओं के साथ-साथ अब जातीय निगमों के जरिए भी विशेष कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी निगमों को निधियां उपलब्ध कराई जाएंगी और निधियों के उपयोग तथा निगमों की जिम्मेदारियों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। पोन्नम प्रभाकर ने पेरिका समाज की सराहना करते हुए कहा कि यह समुदाय सामाजिक एकता और शैक्षिक गतिविधियों में आदर्श कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 50 वर्षों से विद्यार्थियों के लिए छात्रावास का संचालन किया जा रहा है और अब बालिकाओं के लिए भी छात्रावास का निर्माण कराया जा रहा है, जो प्रशंसनीय है।

जनसहयोग से कराया जा रहा आत्मगौरव भवन का निर्माण

उन्होंने कहा कि कोकापेट में पेरिका समाज द्वारा जनसहयोग से आत्मगौरव भवन का निर्माण कराया जा रहा है, जिसके लिए राज्य सरकार की ओर से आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। कार्यक्रम में विधायक बीरला अयिलैया, विधान परिषद सदस्य पिंगली श्रीपाल रेड्डी, पेरिका समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जी. विजय कुमार, मड्डा लिंगैया, वीरा भास्कर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

9 निधियां कौन-कौन सी हैं?

हिंदू धार्मिक मान्यताओं में नौ निधियों को धन, समृद्धि और वैभव का प्रतीक माना जाता है। इनके नाम महापद्म, पद्म, शंख, मकर, कच्छप, मुकुंद, कुंद, नील और खर्व बताए जाते हैं। पौराणिक कथाओं में इनका संबंध धन के देवता Kubera से जोड़ा जाता है। मान्यता है कि ये निधियां अपार संपत्ति और समृद्धि का प्रतीक हैं। धार्मिक ग्रंथों और कथाओं में इनका विशेष उल्लेख मिलता है।

7 निधियों के नाम क्या हैं?

कुछ धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं में सात प्रमुख निधियों का भी उल्लेख मिलता है। अलग-अलग ग्रंथों में इनके नामों में अंतर देखा जाता है, लेकिन सामान्य रूप से पद्म, महापद्म, शंख, मकर, कच्छप, मुकुंद और नील का उल्लेख किया जाता है। इन्हें वैभव, ऐश्वर्य और आध्यात्मिक समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। पौराणिक कथाओं में इनका संबंध दिव्य खजानों और धन संपदा से जोड़ा गया है।

8 सिद्धियाँ और 9 निधियाँ क्या हैं?

आठ सिद्धियों को अलौकिक शक्तियों का प्रतीक माना जाता है, जबकि नौ निधियां धन और समृद्धि का प्रतीक मानी जाती हैं। अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व और वशित्व को आठ सिद्धियों में गिना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार Hanuman को इन सिद्धियों और निधियों का आशीर्वाद प्राप्त था। पौराणिक कथाओं और भक्ति साहित्य में इनका विशेष महत्व बताया गया है।

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Ajay Kumar Shukla

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Ajay Kumar Shukla

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