Telangana : महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए बड़ी राहत

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महिला स्वयं सहायता
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बिना ब्याज ऋण सीमा 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये की गई

हैदराबाद। तेलंगाना सरकार ने महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए बिना ब्याज वाले ऋण (वीएलआर) की सीमा 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी है। इस फैसले की घोषणा पंचायत राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री दानसारी अनसूया सीतक्का ने ‘एसएचजी बैंक लिंकज कार्यक्रम वार्षिक कार्य योजना 2026-27’ के शुभारंभ अवसर पर प्रजा भवन में की। इस निर्णय से राज्य की लगभग 63 लाख महिलाएं लाभान्वित होंगी। सरकार (Government) का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की ऋण लेने की क्षमता को और मजबूत करना है, ताकि महिलाएं आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बन सकें।

ब्याज भुगतान पर लगभग 2,500 करोड़ रुपये का होगा व्यय

सरकारी अनुमान के अनुसार, इस योजना के तहत ब्याज भुगतान पर लगभग 2,500 करोड़ रुपये का व्यय होगा, जबकि पहले यह खर्च करीब 1,300 करोड़ रुपये था। वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने एसएचजी समूहों को 26,621.47 करोड़ रुपये के बैंक ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि और महिला समूहों के सदस्य शामिल हुए। मंत्री ने ऋण वितरण और पुनर्भुगतान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों और महिला संगठनों को सम्मानित भी किया। सीतक्का ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि 10 लाख रुपये तक के ऋण का ब्याज राज्य सरकार वहन करेगी। उन्होंने बताया कि महिलाओं की ईमानदार ऋण वापसी के कारण बैंकों का भरोसा बढ़ा है और एनपीए दर मात्र 1.4 प्रतिशत रह गई है।

पहले छोटे ऋण लेने में भी होती थी कठिनाई

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य एक करोड़ महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। महिलाओं को पहले छोटे ऋण लेने में भी कठिनाई होती थी, लेकिन अब वे बड़े स्तर पर बैंक ऋण प्राप्त कर रही हैं। मंत्री ने कहा कि महिलाएं आज केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि रोजगार सृजक बन रही हैं और वे कैंटीन, डेयरी, पेट्रोल पंप, सौर ऊर्जा इकाइयों और अन्य व्यवसायों का सफल संचालन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मजबूत महिलाएं ही मजबूत अर्थव्यवस्था की नींव हैं और सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है।

महिला स्वयं सहायता

महिला को 10000 कैसे मिलेगा?

केंद्र और राज्य सरकार की कई योजनाओं में स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है। समूह की सदस्य बनने के बाद नियमित बचत और बैठक में भाग लेना जरूरी होता है। कई राज्यों में महिला सशक्तिकरण योजनाओं के तहत 10 हजार रुपये तक की सहायता या ब्याज मुक्त ऋण दिया जाता है। इसके लिए आधार कार्ड, बैंक खाता और समूह से जुड़ी जानकारी जमा करनी पड़ती है। आवेदन ग्राम पंचायत, बैंक या संबंधित विभाग में किया जा सकता है।

महिला समूह के सदस्य को कितना लोन मिल सकता है?

स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को बैंक द्वारा उनकी बचत और रिकॉर्ड के आधार पर लोन दिया जाता है। शुरुआत में लगभग 50 हजार से 1 लाख रुपये तक का ऋण मिल सकता है। समूह का लेनदेन अच्छा होने पर यह राशि बढ़कर 5 लाख रुपये या उससे अधिक भी हो सकती है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत कई बैंकों में कम ब्याज दर पर ऋण सुविधा उपलब्ध है। लोन का उपयोग स्वरोजगार, पशुपालन, दुकान या छोटे व्यवसाय के लिए किया जाता है।

महिलाओं के लिए अभी कौन सी योजना चल रही है?

देश में महिलाओं के लिए कई सरकारी योजनाएं संचालित हो रही हैं। लखपति दीदी योजना, उज्ज्वला योजना, महिला सम्मान बचत पत्र, फ्री सिलाई मशीन योजना और स्वयं सहायता समूह योजनाएं प्रमुख हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और रोजगार के अवसर देना है। कई राज्यों में महिलाओं को मुफ्त प्रशिक्षण, स्वरोजगार ऋण और मासिक आर्थिक सहायता भी दी जा रही है। योजना का लाभ लेने के लिए संबंधित विभाग, बैंक या ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन किया जा सकता है।

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Ajay Kumar Shukla

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Ajay Kumar Shukla

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