भारत की चुनाव प्रक्रिया को बताया ग्लोबल गोल्ड स्टैंडर्ड
ब्रुसेल्स/हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी. सुदर्शन रेड्डी (C. Sudarshan Reddy) के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को ब्रुसेल्स (Brussels) में एच.ई. एनेबेल हेगमैन, डायरेक्टर जनरल, एफपीएस इंटीरियर, तथा यूरोपीय संसद के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान भारत की चुनाव प्रबंधन प्रणाली को पारदर्शिता और कानूनी मजबूती का वैश्विक उदाहरण बताया गया। उच्च स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए सी. सुदर्शन रेड्डी ने कहा कि भारत ने दुनिया की सबसे पारदर्शी और कानूनी रूप से मजबूत चुनाव प्रणाली विकसित की है, जो पृथ्वी के सबसे जटिल भौगोलिक क्षेत्रों में भी लगभग एक अरब मतदाताओं के चुनाव सफलतापूर्वक कराती है।
एक मतदान केंद्र पर 1 से लेकर 1,500 मतदाता तक करते हैं मतदान
उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने 2024–25 चुनाव चक्र के दौरान लगभग 97.9 करोड़ मतदाताओं के लिए चुनाव कराए, जिसमें 2 करोड़ से अधिक कर्मियों की तैनाती की गई। यह अब तक का दुनिया का सबसे बड़ा चुनावी अभियान है। रेड्डी ने कहा कि भारत का लोकतंत्र 23 भाषाओं, अनेक धर्मों और हिमालयी गांवों से लेकर द्विपीय क्षेत्रों तक फैली विषम भौगोलिक परिस्थितियों में संचालित होता है। यहां एक मतदान केंद्र पर 1 से लेकर 1,500 मतदाता तक मतदान करते हैं।
भारत की चुनाव व्यवस्था की रीढ़ दुनिया की सबसे बड़ी मतदाता सूची है, जिसे सालभर चलने वाले पंजीकरण और चार वार्षिक अर्हता तिथियों के माध्यम से अपडेट किया जाता है। जनवरी 2025 में प्रकाशित लगभग एक अरब नामों की सूची में से 2 करोड़ दावे और आपत्तियां निपटाई गईं, जबकि अंततः केवल 89 अपीलें दायर हुईं। रेड्डी ने कहा कि राजनीतिक दल और बूथ लेवल एजेंट पूरी प्रक्रिया के दौरान ‘समवर्ती ऑडिटर’ की भूमिका निभाते हैं।
6.2 मिलियन ईवीएम यूनिट्स से 705 मिलियन वोट एक ही दिन में गिने गए
उन्होंने भारत की ईवीएम–वीवीपीएटी प्रणाली की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ये मशीनें स्टैंडअलोन, नेटवर्क-रहित और छेड़छाड़ से पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि 2024 के चुनावों में 6.2 मिलियन ईवीएम यूनिट्स से 705 मिलियन वोट एक ही दिन में गिने गए। 817 मिलियन से अधिक वीवीपीएटी पर्चियां मतदाताओं ने स्वयं देखीं। गिनती के दौरान 1.6 करोड़ वीवीपीएटी स्लिप्स का भौतिक सत्यापन किया गया, जिसमें एक भी विसंगति नहीं पाई गई। उन्होंने बताया कि 35 वर्षों में ईवीएम को चुनौती देने वाली सभी 41 याचिकाएं भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा खारिज की जा चुकी हैं।
भारत में संविधान और वैधानिक प्रावधानों के तहत कराए जाते हैं चुनाव
रेड्डी ने कहा कि भारत में चुनाव संविधान और वैधानिक प्रावधानों के तहत कराए जाते हैं, जिनकी निगरानी के लिए हजारों जनरल, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षक तैनात किए जाते हैं। इसके साथ ही डिजिटल वोटर और उम्मीदवार ऐप्स का एक मजबूत तंत्र भी विकसित किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत ने कठोर परिश्रम और पूर्ण पारदर्शिता के माध्यम से जनता का विश्वास अर्जित किया है। आज भारतीय निर्वाचन आयोग कानून के तहत कराए जाने वाले चुनावों के लिए वैश्विक स्वर्ण मानक बन चुका है।
ब्रुसेल्स की राजधानी कौन सी है?
यह शहर स्वयं बेल्जियम की राजधानी है। ब्रुसेल्स देश का राजनीतिक, प्रशासनिक और सांस्कृतिक केंद्र माना जाता है, जहां सरकार, शाही संस्थान और अंतरराष्ट्रीय कार्यालय स्थित हैं। यूरोप के प्रमुख शहरों में इसकी विशेष पहचान है।
ब्रुसेल्स में किसका मुख्यालय है?
यूरोपीय संघ के कई प्रमुख संस्थानों का मुख्यालय यहां स्थित है। यूरोपीय आयोग और यूरोपीय परिषद जैसी संस्थाएं ब्रुसेल्स से कार्य करती हैं, जिस कारण इसे यूरोप की राजनीतिक राजधानी भी कहा जाता है।
ब्रुसेल्स क्यों प्रसिद्ध है?
यह शहर अपनी ऐतिहासिक इमारतों, ग्रैंड प्लेस, चॉकलेट, वाफल्स और कॉमिक आर्ट के लिए जाना जाता है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका और बहुसांस्कृतिक वातावरण इसे विश्व स्तर पर प्रसिद्ध बनाता है।
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